बड़ी सादड़ी पुलिस ने नयाखेड़ा गांव में बुजुर्गों से लूटपाट के आरोप में तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर कार जब्त की।   

बड़ी सादड़ी क्षेत्र के नयाखेड़ा पटेलों का फला में रात के समय घरों में घुसकर मारपीट करने और गहने व नकदी चोरी करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वारदात में शामिल एक विधि से संघर्षरत बालक को भी डिटेन किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई कार और तलवार बरामद की गई है। मामले में तीन अन्य आरोपियों को नामजद किया गया है तथा गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ और चोरी की संपत्ति की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।

पुलिस के अनुसार, प्रार्थी दौलतसिंह पुत्र उदयसिंह, जाति रावत मीणा, उम्र 26 वर्ष, निवासी नयाखेड़ा पटेलों का फला, पुलिस थाना बड़ी सादड़ी, जिला चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) ने 30 सितंबर 2026 को घटनास्थल नयाखेड़ा पटेलों का फला, केवलपुरा पहुंचकर लिखित रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में बताया गया कि 29 सितंबर 2026 की रात करीब 11 बजे गांव में लालसिंह के घर भजन पार्टी का कार्यक्रम चल रहा था और वह अपने घर पर था। सुबह उसकी काकी कुश्बा बाई ने उसे घटना की जानकारी दी।

रिपोर्ट के अनुसार, उसके दादा-दादी, चोखासिंह पुत्र माणसिंह और उनकी पत्नी भुरीबाई मीणा कुएं पर बने मकान में सो रहे थे। इसी दौरान रात में 5-6 अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंचे और मारपीट कर झपटाझपटी करने लगे। बदमाश भुरीबाई के कानों के चांदी के टोस, पैरों की कड़ियां, गले की हाली चेन, चांदी की दो नग कतरियां और भुजा में पहने दो डंक चुरा ले गए। आरोपियों ने चोखासिंह के बाएं हाथ में पहना चांदी का कड़ा, लोहे के ड्रम में रखा चांदी का कंदोरा और 30,000 रुपये नकद भी चुरा लिए।

मारपीट के दौरान चोखासिंह की दोनों भुजाओं, झीमनी, आंख के पास और दोनों घुटनों पर चोटें आईं। वहीं, भुरीबाई के दोनों पैरों में एड़ियों के ऊपर चोट लगी और कान की लड़ी टूट गई।


इसी घटना के दौरान बदमाशों ने पास में कुएं पर बने मकान में रहने वाली केसरीबाई पत्नी भगवतसिंह रावत मीणा के साथ भी मारपीट और झपटाझपटी की। आरोपी उनके यहां से चांदी की दो कड़ियां, एक गेहूं कटा, 1,500 रुपये नकद, गले की चांदी की चेन और कान के टॉप्स चोरी कर ले गए। मारपीट में केसरीबाई के कान की लड़ी टूट गई तथा दोनों पैरों, पेट और बाएं हाथ के अंगूठे पर चोटें आईं। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने प्रकरण संख्या 238/2026 दर्ज कर जांच शुरू की।

चित्तौड़गढ़ पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव, आईपीएस के आदेश की पालना में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह, आरपीएस के निर्देशन और पुलिस उप अधीक्षक बड़ी सादड़ी हरिश्चन्द्र सिंह, आरपीएस के सुपरविजन में वारदात का खुलासा करने और त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष टीम गठित की गई। थानाधिकारी बड़ी सादड़ी भगवानलाल, पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में झामेश्वर सिंह, सहायक उप निरीक्षक, जिला विशेष टीम चित्तौड़गढ़ और पुलिस जाप्ते को शामिल किया गया।

पुलिस टीम ने तकनीकी सहायता से नयाखेड़ा में हुई वारदात का सुराग जुटाया। संपत्ति संबंधी अपराधों में चालानशुदा अपराधियों को डिटेन कर पूछताछ की गई। अमीरामा, कानोड़, भैरूखेड़ा और मेवदा कॉलोनी, कपासन के चालानशुदा आरोपियों से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ के दौरान अनिल कंजर, कालु कालबेलिया और पिन्टु कंजर ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात करना कबूल किया। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल की गई कार और तलवार भी बरामद की।

प्रकरण में एक विधि से संघर्षरत बालक को डिटेन कर पूछताछ के बाद सम्प्रेषण गृह भिजवाया गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और चोरी की संपत्ति की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में अनिल पुत्र फतेहलाल, जाति कंजर, निवासी मेवदा कॉलोनी; पिन्टु पुत्र देवीलाल, जाति कंजर, निवासी मेवदा कॉलोनी; और कालु पुत्र डालु, जाति कालबेलिया, निवासी धानमण्डी कपासन, पुलिस थाना कपासन शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपी पिन्टु कंजर के विरुद्ध पूर्व में लूट के दो प्रकरण और आबकारी का एक प्रकरण दर्ज है, जो न्यायालय में विचाराधीन हैं। आरोपी कालु कालबेलिया के विरुद्ध पूर्व में चोरी का एक और मारपीट का एक प्रकरण दर्ज है। ये दोनों मामले भी न्यायालय में विचाराधीन हैं।

इस कार्रवाई में बड़ी सादड़ी थाना पुलिस के झामेश्वर सिंह, सहायक उप निरीक्षक, सत्यप्रकाश कांस्टेबल, बाबूलाल कांस्टेबल, भीयाराम कांस्टेबल, राकेश कुमार कांस्टेबल, प्रेमाराम कांस्टेबल, दिनेश कुमार कांस्टेबल, अचलाराम कांस्टेबल, धर्मीचन्द कांस्टेबल, रूपाराम कांस्टेबल और प्रदीप कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। जिला विशेष टीम और साइबर टीम चित्तौड़गढ़ की ओर से डीएसटी प्रभारी रामावतार, दुर्गेश कांस्टेबल, हेमराज कांस्टेबल, पदम कांस्टेबल, राकेश कुमार कांस्टेबल, साहिल कांस्टेबल, मुकेश कांस्टेबल, पुरखाराम कांस्टेबल, जितेन्द्र कुमार कांस्टेबल, साइबर सेल के सहायक उप निरीक्षक राजकुमार और रामनरेश कांस्टेबल ने भी कार्रवाई में सहयोग किया। पुलिस की जांच अब चोरी किए गए गहनों और नकदी की बरामदगी पर केंद्रित है।

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