तस्वीर में चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर जमीन पर बैठकर प्रदर्शन करते पारोली के ग्रामीण दिख रहे हैं।

चित्तौड़गढ़। पंचायत परिसीमन के दौरान आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद ग्राम पारोली को रोलाहेड़ा पंचायत में बहाल नहीं किए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पारोली को पुरानी पंचायत रोलाहेड़ा में शामिल करने की मांग की और मांग पूरी नहीं होने पर आगामी मतदान के पूर्ण बहिष्कार की चेतावनी दी।

ज्ञापन में ग्रामवासियों ने बताया कि पूर्व में पंचायत परिसीमन के समय ग्राम पारोली को नई पंचायत में शामिल किए जाने पर उन्होंने लिखित आपत्ति दर्ज कराई थी। ग्रामीणों के अनुसार नई पंचायत ग्राम पारोली से बिल्कुल विपरीत दिशा में है। मुख्यालय चित्तौड़गढ़ जाने के लिए ग्रामीणों को पहले उल्टी दिशा में स्थित नई पंचायत जाना पड़ता है और इसके बाद पूरा चक्कर काटकर वापस आना पड़ता है।

ग्रामीणों ने बताया कि लिखित आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद ग्राम पारोली को नई पंचायत में शामिल कर लिया गया। इससे ग्रामीणों में विरोध है। ग्रामीणों ने मांग की कि पारोली गांव को पुरानी पंचायत रोलाहेड़ा में बहाल किया जाए।

ज्ञापन के माध्यम से ग्रामवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक पारोली गांव को पुरानी पंचायत रोलाहेड़ा में बहाल नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा और आगामी मतदान का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। ग्रामीणों ने इसके लिए सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की बताई।

इस दौरान राजूलाल जाट, सत्यनारायण, भेरूलाल, शिवलाल, दिनेश गुर्जर, कैलाश, भेरू, किशन, रामलाल, दिनेश, सुरेश गुर्जर सहित बड़ी संख्या में पारोली ग्रामवासी मौजूद रहे।

Tags: