आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में कार्रवाई की मांग, चंदेरिया थाने में ज्ञापन
चित्तौड़गढ़ में छात्रा की आत्महत्या मामले में परिजनों ने आरोपियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग की है।
तस्वीर में चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर ग्रामीण और परिजन न्याय की मांग में खड़े हैं।
चित्तौड़गढ़ जिले के चंदेरिया थाना क्षेत्र के माल की चोगावड़ी निवासी कक्षा 12वीं की छात्रा भारती लोहार की जहर खाने से हुई मौत के मामले में ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। आरोपियों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है।
गत 28 अगस्त की रात भारती लोहार ने आरोपियों के मानसिक दबाव में आकर रासायनिक पदार्थ गटक लिया था। गंभीर हालत में उसे पहले सांवरिया जी चिकित्सालय ले जाया गया। इसके बाद उदयपुर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान 31 अगस्त को उसकी मृत्यु हो गई।
अस्पताल में बयान के दौरान पीड़िता ने बताया कि आरोपी महावीर वैष्णव, गोवर्धन गुर्जर, गोरीलाल प्रजापत एवं रीना मीणा आपस में शारीरिक संबंध बनाने का लगातार दबाव बना रहे थे और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। इससे तंग आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि मुख्य आरोपियों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य माध्यमों से कई लड़कियों और महिलाओं के अश्लील फोटो और वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है। साक्ष्य के तौर पर पेन ड्राइव भी सौंपी गई है। साथ ही आरोपियों के मोबाइल जब्त कर उक्त सामग्री को तुरंत डिलीट कराने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में 2 सितंबर को भी चंदेरिया थाने में इस संबंध में रिपोर्ट दी गई थी, लेकिन पुलिस द्वारा केवल आश्वासन दिया गया और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। घटना के बाद से आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
ज्ञापन में सभी आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और प्रताड़ना की धाराओं में तुरंत एफआईआर दर्ज करने, आरोपियों की मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर उन्हें शीघ्र गिरफ्तार करने तथा आरोपियों के पास मौजूद आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्यों और वीडियो को तुरंत जब्त और डिलीट करने की मांग की गई है। इसके साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को अदालत से सख्त से सख्त सजा दिलाने की मांग भी की गई है।