निंबाहेड़ा के दिवाकर भवन में 15 उपवास की तपस्या पूर्ण होने पर पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना ने तपस्वी भूमिका वीरवाल जैन का शॉल और श्रीफल भेंट कर अभिनंदन किया।

निंबाहेड़ा में जैन समाज की पावन धार्मिक परंपरा, तप, त्याग और संयम की भावना को साकार करते हुए भूमिका वीरवाल जैन ने 15 उपवास की कठिन तपस्या पूर्ण की। आदर्श कॉलोनी स्थित दिवाकर भवन में गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने पहुंचकर तपस्वी भूमिका वीरवाल जैन का शॉल ओढ़ाकर एवं श्रीफल भेंट कर बहुमान किया तथा 15 उपवास की तपस्या पूर्ण करने पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने कहा कि जैन धर्म में तपस्या केवल उपवास नहीं, बल्कि आत्मसंयम, त्याग, साधना, आत्मशुद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग है। 15 उपवास जैसी कठिन तपस्या को दृढ़ संकल्प एवं श्रद्धा के साथ पूर्ण करना गौरव एवं प्रेरणा का विषय है। उन्होंने भूमिका जैन की तपस्या की सराहना करते हुए उनके निरंतर आध्यात्मिक उत्थान, सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।

भूमिका वीरवाल जैन की इस कठिन तपस्या ने समाज में धर्म, संयम, आत्मबल एवं तप की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने का संदेश दिया। समाजजनों ने भी तपस्वी भूमिका जैन को तपस्या पूर्ण होने पर शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रति मंगलभाव व्यक्त किया।

इस अवसर पर मोहनलाल, सुशील कुमार एवं अजीत कुमार वीरवाल जैन सहित परिवार के सदस्य एवं समाज के गणमान्यजन उपस्थित रहे। बहुमान कार्यक्रम में निंबाहेड़ा नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बंशीलाल राइवाल, जिला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष गोपाल आंजना, नगर कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव रविप्रकाश सोनी, आशुतोष टांक एवं कांग्रेस कार्यालय प्रभारी ज़ाकिर हुसैन उपस्थित रहे।

भूमिका वीरवाल जैन की 15 उपवास की कठिन तपस्या का पूर्ण होना जैन समाज में तप, त्याग और संयम की प्रेरणादायी साधना के रूप में सामने आया, जहां समाजजनों ने उनके प्रति मंगलभाव व्यक्त करते हुए इस धार्मिक साधना की सराहना की।

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