तस्वीर में चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं स्थित नगर पालिका मंडल का गुलाबी भवन दिख रहा है।

बेगूं। नगर पालिका चुनाव में टिकट वितरण के बाद चुनावी तस्वीर अब साफ होने लगी है। आज नाम वापसी का आखिरी दिन है। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि किस वार्ड से कितने उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं और किन प्रत्याशियों ने अपना नाम वापस लिया है। इसी बीच दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशी और समर्थक सोशल मीडिया पर पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं और अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं।

भाजपा प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं की ओर से सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट और प्रचार सामग्री साझा की जा रही है। इनमें सांसद सीपी जोशी और विधायक डॉ. सुरेश धाकड़ के फोटो प्रमुखता से नजर आ रहे हैं। भाजपा समर्थक प्रत्याशी प्रचार में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ क्षेत्र में हुए विकास कार्यों को भी प्रमुखता से सामने रख रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, भाजपा प्रत्याशी सांसद और विधायक की लोकप्रियता तथा उनके विकास कार्यों को चुनावी प्रचार का हिस्सा बनाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। पोस्टर और सोशल मीडिया कैंपेन में पार्टी नेतृत्व की मौजूदगी के जरिए प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश भी दिखाई दे रही है।

वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के प्रत्याशी और कार्यकर्ता भी सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय हैं, लेकिन उनके प्रचार अभियान में अलग तस्वीर नजर आ रही है। कई कांग्रेस प्रत्याशियों ने प्रदेश एवं जिला स्तर के नेताओं के साथ-साथ पूर्व विधायकों के फोटो को अपने प्रचार से दूर रखा है। अधिकांश प्रत्याशी खुद को सीधे कांग्रेस पार्टी का उम्मीदवार बताते हुए प्रचार कर रहे हैं और स्थानीय स्तर पर अपने व्यक्तिगत संपर्क, कार्यकर्ताओं तथा वार्ड के मुद्दों को प्रमुखता दे रहे हैं।

कांग्रेस प्रत्याशियों की ओर से वरिष्ठ नेताओं के फोटो से दूरी बनाए रखने को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग चर्चाएं हैं। माना जा रहा है कि पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को क्षेत्र में 50 हजार से अधिक मतों के अंतर से मिली बड़ी हार का असर अभी भी पार्टी कार्यकर्ताओं की सोच पर दिखाई दे रहा है। स्थानीय स्तर पर पूर्व विधायक को लेकर कार्यकर्ताओं के एक वर्ग में नाराजगी की चर्चा भी चुनावी माहौल में बनी हुई है। ऐसे में कई प्रत्याशी किसी नेता विशेष की छवि के बजाय अपने व्यक्तिगत जनसंपर्क और वार्ड स्तर के समीकरणों के आधार पर चुनाव लड़ना ज्यादा मुफीद समझ रहे हैं।

फिलहाल दोनों दलों का सोशल मीडिया प्रचार अपने-अपने तरीके से आगे बढ़ रहा है। भाजपा जहां संगठन और सांसद-विधायक के चेहरे के साथ विकास कार्यों को प्रचार का आधार बना रही है, वहीं कांग्रेस के कई प्रत्याशी पार्टी के नाम और अपने व्यक्तिगत प्रभाव के सहारे मैदान में दिखाई दे रहे हैं। अब सबकी निगाहें आज होने वाली नाम वापसी की प्रक्रिया पर टिकी हैं। इसके बाद वार्डवार प्रत्याशियों की अंतिम सूची सामने आएगी और नगर पालिका चुनाव की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।

Tags: