बड़ी सादड़ी: संस्था प्रधानों की वाकपीठ कार्यशाला आयोजित, नवाचार पर जोर
संत अनंत राम जी के सानिध्य में आयोजित कार्यशाला में मोबाइल से दूरी बनाकर शिक्षकों ने सहभागिता निभाई और विद्यार्थी निर्माण पर चर्चा की।
बड़ी सादड़ी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच पर अतिथियों का स्वागत करते सहभागी।
बड़ी सादड़ी उपखंड के प्रारंभिक शिक्षा विभाग के संस्था प्रधानों की एक दिवसीय वाकपीठ कार्यशाला श्री शोभनाथ महादेव मंदिर के सभागार में संत श्री अनंत राम जी शास्त्री, दिव्य आनंद धाम रामद्वारा बड़ी सादड़ी के सानिध्य में आयोजित हुई। कार्यशाला में संस्था प्रधानों ने मोबाइल से दूरी बनाकर सहभागिता की, जिससे वाकपीठ को प्रभावी बनाने के नवाचार को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश पुष्करणा रहे। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत बाल कार्य, विद्यार्थी कार्य प्रमुख एवं विद्या भारती में संस्कार केंद्र प्रमुख दिनेश कुमार भट्ट रहे। अध्यक्षता वाकपीठ अध्यक्ष प्रकाश चंद्र बख्शी ने की।
मुख्य वक्ता दिनेश कुमार भट्ट ने कहा, “संस्कार, शिक्षा, समर्पण, राष्ट्रभाव, विनम्रता, समर्पण विद्यार्थियों को शिक्षक स्वयं शिक्षण धारण कर उदाहरण बन करके विद्यार्थियों को तैयार करेंगे तो भारत का भविष्य उज्जवल होगा।” उन्होंने वाकपीठ की उपयोगिता बताते हुए कहा कि शिक्षक समाज का आईना होता है। उन्होंने कहा कि आज के सदन में कार्यकारिणी के आग्रह पर पद्मेश कक्षा से बाहर त्याग कर मोबाइल का स्विच ऑफ कर मार्केट देखना या दर्शाता है कि उपस्थिति संस्था प्रधान अपने कर्तव्य के प्रति बहुत ही समर्पित भाव से अपने-अपने कर्मचारियों में कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विकास करना ही भारती की सच्ची सेवा है। इसके लिए विद्यार्थियों में संस्कार, संयम, शिष्टाचार और राष्ट्रीय भाव जागृत कर विद्यार्थियों के साथ सीखने-सिखाने की गतिविधियों को सहज, सरल और प्रभावशाली बनाते हुए व्यक्ति निर्माण के भाव से कार्य करना होगा। इसी पथ पर आगे बढ़ने से ही सही मायने में भारत माता की जय होगी।
कार्यक्रम का संचालन हेमेंद्र जानी ने किया। वाक्पीठ में प्राथमिक और रोज प्राथमिक विद्यालय की सभी संस्था प्रधान मौजूद रहे। मंच पर खंड के अध्यक्ष पूरणमल नमामि, सेवानिवृत्त व्याख्याता नर्मदा शंकर पुष्करणा, सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक महेंद्र कुमार जैन, मंत्री शंभू शंभू दास वैष्णव, गोपाल टेलर, भैरूलाल सालवी और सेवानिवृत्त होने वाले प्रधानाध्यापक माधव लाल जाट सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।
मंदिर मंडल के अध्यक्ष चेतन प्रकाश दवे ने मंदिर मंडल की ओर से अतिथियों का अभिनंदन किया। कार्यकारिणी की ओर से समस्त अतिथियों का पगड़ी पहनाकर और मोमेंटो भेंट कर अभिनंदन किया गया।
आभार व्यक्त करते हुए वाकपीठ सचिव भगवत सिंह शक्तावत ने कहा कि वर्षों से चली आ रही वाकपीठ की प्रशासनिक परंपरा को व्यवहारिक बनाते हुए कार्यक्रम में जो नवाचार किया गया, उससे संस्था प्रधानों में काफी उत्साह और उमंग दिखाई दी तथा इसे सार्थक बताया गया।