तस्वीर में मतदान के बाद अपनी उंगली पर लगी नीली स्याही दिखाते मोहित और ज्योति।

बड़ीसादड़ी में जैन धर्मावलंबियों के पावन पर्युषण पर्व के चतुर्थ दिवस पर जैन दिवाकर प्रवचन हॉल में भक्ति और राष्ट्रधर्म का अनोखा संगम देखने को मिला। गुणानुवाद सभा के दौरान पूज्य महासाध्वी अपर्णप्रज्ञा मसा ने युवा तपस्वी मोहित मेहता (मोनू) एवं ज्योति नागोरी को 10-10 उपवास के प्रत्याख्यान करवाए। हॉल में मौजूद श्रावक-श्राविकाओं ने गगनभेदी जयकारों के साथ दोनों तपस्वियों की उग्र तपस्या की अनुमोदना की।

तपस्या के कठोर नियम के बीच दोनों तपस्वियों ने नागरिक कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए मिसाल पेश की। प्रत्याख्यान ग्रहण करने के तुरंत बाद तपस्वी मोहित मेहता और ज्योति नागोरी अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचे और लोकतंत्र के इस महापर्व में अपने मताधिकार का तप की मुस्कान के साथ प्रयोग किया।

तपस्वियों की उंगलियों पर लगी नीली स्याही उनके चेहरे की मुस्कान और आत्मबल को और निखार रही थी। तपस्वियों की मुस्कान में मतदान की स्याही रंग भरती हुई प्रतीत हुई।

कठिन साधना और तप की अवस्था में भी मतदान केंद्र पहुंचकर अपने फर्ज को निभाने का यह कार्य नगर में चर्चा और प्रेरणा का विषय बना हुआ है।

Tags: