तस्वीर में चित्तौड़गढ़ में जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के बाहर अचलपुरा गांव को नाहरगढ़ पंचायत में शामिल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते हुए ग्रामीण नजर आ रहे हैं.   

चित्तौड़गढ़। पंचायत समिति भदेसर के ग्राम अचलपुरा को ग्राम पंचायत नाहरगढ़ में यथावत रखने या धीरजी का खेड़ा ग्राम पंचायत में शामिल करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मांग पर जल्द आदेश जारी नहीं होने पर समस्त गांववासी आगामी सभी चुनावों में मतदान का पूर्ण रूप से बहिष्कार करेंगे।

ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि परिसीमन प्रक्रिया के दौरान अचलपुरा को नाहरगढ़ ग्राम पंचायत से हटाकर आंतरी पंचायत में जोड़ दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार आंतरी पंचायत का क्षेत्र काफी दूर है और बीच में दुर्गम पहाड़ी इलाका पड़ता है। पहाड़ी रास्ता होने के कारण वहां सुचारू आवागमन का कोई साधन नहीं है और आने-जाने के लिए भी सुगम मार्ग उपलब्ध नहीं है। इससे प्रशासनिक एवं अन्य कार्यों के लिए ग्रामीणों को भारी असुविधाओं और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से अचलपुरा को नाहरगढ़ पंचायत में ही यथावत रखने की मांग की है। यदि प्रशासनिक या तकनीकी कारणों से अचलपुरा को नाहरगढ़ पंचायत में रखना संभव नहीं हो, तो गांव को धीरजी का खेड़ा ग्राम पंचायत में शामिल करने की मांग की गई है। ग्रामीणों के अनुसार धीरजी का खेड़ा पंचायत गांव के नजदीक है और वहां का रास्ता आवागमन की दृष्टि से बेहद सुलभ और उपयुक्त है।

ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों को बताया कि समस्या के समाधान के लिए वे पूर्व में भी 1 सितंबर 2025 को कार्यालय में उपस्थित होकर ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनकी जनभावनाओं का सम्मान करते हुए अचलपुरा को नाहरगढ़ अथवा धीरजी का खेड़ा में जोड़ने के आदेश जल्द जारी नहीं किए, तो समस्त गांववासी आगामी सभी चुनावों में मतदान का पूर्ण रूप से बहिष्कार करेंगे।

ज्ञापन सौंपने के दौरान लोकेन्द्र सिंह, लोकेन्द्र सिंह शक्तावत, कान सिंह, बालू गुर्जर, कालू गुर्जर, कैलाश गुर्जर, रमेश गुर्जर, गौरीशंकर गुर्जर, शंभू गुर्जर, भैरू सिंह शक्तावत, रूपलाल गुर्जर, अमरचंद गुर्जर, गोपी मेघवाल, प्रभु मेघवाल, नारूलाल मेघवाल, नेपाल सिंह, लोकेश मेघवाल, रूपा भील, हजारी भील, रामलाल मेघवाल, अर्जुन खटीक, भारत सिंह, घीसा मेघवाल, गुलाब सिंह, बद्री मेघवाल, रणजीत सिंह शक्तावत, रमेश नंगारची, बाबूलाल नंगारची, राजू सुथार, मदन मेघवाल, शंभू सिंह और जीतु गुर्जर सहित बड़ी संख्या में गांववासी मौजूद रहे।

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