राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाली को लेकर एबीवीपी का जिलाभर में प्रदर्शन, सरकार को उग्र आंदोलन की चेतावनी
राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर एबीवीपी ने चित्तौड़गढ़ जिले के सभी महाविद्यालयों में प्रदर्शन कर सरकार को उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
तस्वीर में चित्तौड़गढ़ स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय के परिसर में एबीवीपी कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए नजर आ रहे हैं।
चित्तौड़गढ़। राजस्थान में पिछले तीन वर्षों से छात्रसंघ चुनावों पर लगी रोक के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ जिले के सभी महाविद्यालयों में एक साथ विरोध प्रदर्शन किया। छात्र राजनीति और युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों के मुद्दे को लेकर परिषद ने जिलेभर में मोर्चा खोलते हुए राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और उच्च शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर पांच सूत्री मांगें रखीं।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसरों में एकत्र होकर छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग उठाई। जिला संयोजक अदिति कंवर भाटी ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव केवल राजनीति का माध्यम नहीं, बल्कि आम विद्यार्थियों की आवाज उठाने और नए नेतृत्व को तैयार करने का लोकतांत्रिक मंच हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से चुनाव नहीं होने के कारण महाविद्यालयों में छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने वाला कोई नहीं है।
उन्होंने बताया कि जिले की सभी महाविद्यालय इकाइयों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री के नाम पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। परिषद ने मांग की कि प्रदेश में बंद पड़े छात्रसंघ चुनाव तत्काल बहाल किए जाएं, अकादमिक कैलेंडर के अनुरूप महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य सुचारु रूप से संचालित हो, रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की जाए, सभी महाविद्यालयों में स्थायी प्राचार्यों की नियुक्ति की जाए तथा सभी कॉलेजों में राजस्थानी भाषा का विभाग स्थापित किया जाए, ताकि विद्यार्थी इस भाषा के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकें।
अदिति कंवर भाटी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भी निशाना साधते हुए उनके दोहरे चरित्र को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि पहले छात्रसंघ चुनाव बंद किए गए और अब राजनीतिक लाभ लेने के लिए उसी मुद्दे का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि परिषद की पांच सूत्री मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
जिले में यह विरोध प्रदर्शन चित्तौड़, बस्सी, बेगूं, गंगरार, कपासन, घोसुंडा, निंबाहेड़ा और सांवरियाजी की महाविद्यालय इकाइयों में आयोजित किया गया, जहां प्रदर्शन के साथ उच्च शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपे गए। छात्रसंघ चुनाव बहाली को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब जिलेभर में व्यापक छात्र भागीदारी के साथ आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।