भाजपा को अलविदा कह सुभाष और ईश्वर तुराणकर की शेतकरी संगठन में घर वापसी, चटप के नेतृत्व पर जताया भरोसा
भाजपा छोड़कर पूर्व विधायक एड. वामनराव चटप के नेतृत्व में पुनः शेतकरी संगठन का दामन थामा, कार्यकर्ताओं में नया उत्साह।
वामनराव चटप और कार्यकर्ताओं संग शेतकरी संगठन में शामिल होते सुभाष तुराणकर कोरपना में दिख रहे हैं।
कोरपना में मंगलवार, 3 नवंबर को राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सुभाष काका तुराणकर और ईश्वर सुभाष तुराणकर ने एक बार फिर शेतकरी संगठन का दामन थाम लिया। कुछ दिन पहले शेतकरी संगठन छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए दोनों नेताओं ने अब भाजपा को अलविदा कहकर संगठन में घर वापसी की है। उन्होंने पूर्व विधायक एवं शेतकरी संगठन के नेता एडवोकेट वामनराव चटप के नेतृत्व पर दोबारा विश्वास जताते हुए यह निर्णय लिया।
कोरपना में आयोजित पार्टी प्रवेश समारोह में एडवोकेट वामनराव चटप की प्रमुख उपस्थिति में सुभाष तुराणकर और ईश्वर तुराणकर ने फिर से शेतकरी संगठन का झंडा थामा। कुछ दिन पहले भाजपा में शामिल होने के बाद दोनों के वापस संगठन में लौटने के फैसले से कोरपना तालुका के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं, उनकी घर वापसी से शेतकरी संगठन के कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।
इस अवसर पर शेतकरी संगठन के जिलाध्यक्ष अरुण पाटील नवले, तालुकाध्यक्ष एडवोकेट श्रीनिवास मुसळे, संगठन के वरिष्ठ नेता डॉ. मुसळे, रमा पाटील मालेकर, अनंताभाऊ गोडे, अविनाश मुसळे, नादिर कादरी, शारीक अली, संदीप टोंगे, गणेश तुराणकर, गणपत गोडे, प्रवीण रासपल्ले और सौरभ राऊत सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सुभाष तुराणकर और ईश्वर तुराणकर की घर वापसी को कोरपना क्षेत्र में शेतकरी संगठन की संगठनात्मक ताकत बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने विश्वास जताया कि दोनों की वापसी से संगठन को मजबूती मिलेगी। उनके दोबारा संगठन में शामिल होने से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और सक्रियता देखने को मिल रही है।