बेतिया नगर निगम में सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, शहर में गंदगी और बीमारियों का खतरा बढ़ा
बेतिया नगर निगम के सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई है। मांगों पर समाधान नहीं होने पर शहर में गंदगी और स्वास्थ्य संकट गहरा सकता है।
तस्वीर में बेतिया नगर निगम परिसर के बाहर अपनी मांगों को लेकर एकत्र होकर प्रदर्शन करते सफाई कर्मचारी।
बेतिया नगर निगम के सफाई कर्मियों ने सफाई कर्मचारी महासभा के आह्वान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल में नगर निगम के नियमित, संविदा, दैनिक वेतनभोगी और ठेका कर्मी शामिल हैं। हड़ताल का असर शहर की सफाई व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। यदि हड़ताल लंबे समय तक जारी रही तो शहर में कूड़े का अंबार लगने और गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ सकती है।
सफाई कर्मियों का कहना है कि नगर निगम में वर्षों से कार्यरत संविदा, दैनिक वेतनभोगी और ठेका कर्मियों को स्थायी नियुक्ति दी जाए तथा उनकी सेवा सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही बिहार के सभी नगर निकायों में ठेका प्रथा समाप्त करने, स्थायी कर्मियों को एसीपी (ACP) और एमएसीपी (MACP) का लाभ देने तथा बकाया राशि का अविलंब भुगतान करने की मांग भी की जा रही है।
सफाई कर्मचारी महासभा के आह्वान पर यह हड़ताल पूरे बिहार के नगर निकायों में की जा रही है। ऐसे में यदि सरकार और कर्मचारियों के बीच जल्द समाधान नहीं निकला तो आम लोगों को गंदगी, दुर्गंध और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हड़ताल का बढ़ता असर नगर निकायों की सफाई व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनता नजर आ रहा है।