भीलवाड़ा जिले के गंगापुर में श्री बजरंग कीर्तन सांस्कृतिक कला मंडल के स्वर्ण जयंती समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित दस दिवसीय रामकथा की पूर्णाहुति के बाद पंचतीर्थ मंदिर की ओर जाती शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु।

भीलवाड़ा जिले के गंगापुर में श्री बजरंग कीर्तन सांस्कृतिक कला मंडल के स्वर्ण जयंती समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित दस दिवसीय रामकथा का श्रद्धा और भक्ति के साथ समापन हुआ। अंतिम दिन पंडित आनंद कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीराम के आदर्शों, गौमाता की महिमा और भारतीय धर्म-संस्कृति के संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि गौ संस्कृति से ही धर्म, संस्कृति और देश की रक्षा संभव है। इस अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसादी ग्रहण की।

पंडित आनंद कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीराम का अवतार गौमाता, धर्म और संतों की रक्षा के लिए हुआ था। भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भारतीय संस्कृति की मूल भावना को समझने, गौमाता के प्रति श्रद्धा बनाए रखने और धर्म एवं संस्कारों की परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रामकथा का श्रवण तभी सार्थक है, जब मनुष्य भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करे।

रामकथा के अंतिम प्रसंग में महाराज श्री ने रावण वध के बाद भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने और घर-घर में खुशियां मनाए जाने का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी पर लोगों ने मिठाइयां बांटकर उत्सव मनाया। यह प्रसंग बुराई पर अच्छाई, अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। उन्होंने श्रद्धालुओं को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेकर सत्य, सदाचार और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

दस दिवसीय रामकथा की पूर्णाहुति के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालु पहुंचे और भोजन प्रसादी ग्रहण की। धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। कथा के समापन के बाद शोभायात्रा के साथ कथा की पोथी को पुनः पंचतीर्थ मंदिर पहुंचाया गया। इस दौरान पूरे आयोजन में रामभक्ति और धार्मिक आस्था का वातावरण बना रहा।

मंडल सदस्य लादू लाल जागेटिया ने बताया कि दशहरा पर्व के अवसर पर मंडल की ओर से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, दुर्गा माता और भगवान शंकर की आकर्षक झांकियां सजाई जाएंगी। बैंड-बाजों के साथ निकलने वाली यह शोभायात्रा दोपहर एक बजे पंचतीर्थ मंदिर से रवाना होगी।

लादू लाल जागेटिया ने बताया कि दशहरे के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक शोभायात्रा के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। श्री बजरंग कीर्तन सांस्कृतिक कला मंडल का स्वर्ण जयंती समारोह धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

रामकथा की पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ गंगापुर में दस दिवसीय धार्मिक आयोजन का श्रद्धापूर्वक समापन हुआ। कथा के दौरान गौसेवा, संस्कार, धर्म और मर्यादा पर दिए गए संदेशों ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। वहीं, दशहरे पर प्रस्तावित शोभायात्रा के जरिए धार्मिक परंपराओं और भारतीय संस्कृति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की तैयारी है।

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