गंगापुर में अफसरशाही पर सियासी ग्रहण? लगातार तबादलों से उठे सवाल, कई पद खाली
गंगापुर में लगातार अधिकारियों के तबादलों से तहसील, पुलिस, पंचायत और नगरपालिका की व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। चुनाव से पहले बढ़ी चिंता।
गंगापुर-भीलवाड़ा में अधिकारियों के लगातार तबादलों को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। एक के बाद एक अधिकारियों की रवानगी के बीच आमजन में चर्चा है कि गंगापुर क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों की पोस्टिंग को बार-बार ग्रहण क्यों लग रहा है और अच्छे अफसरों के जल्द तबादलों के पीछे क्या कारण हैं। राजनीतिक दखलंदाजी की चर्चाओं के बीच अधिकारियों के लगातार तबादले स्थानीय स्तर पर बड़ा मुद्दा बनते जा रहे हैं।
सहाड़ा तहसीलदार परमार और नायब तहसीलदार विजवर्गीय के तबादले के बाद तहसील कार्यालय में महत्वपूर्ण पदों पर रिक्तता की स्थिति बन गई है। इसका सीधा असर आमजन के कामकाज पर पड़ने लगा है। मामूली प्रशासनिक कार्यों के लिए भी लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों और आम नागरिकों को अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण अपने काम के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
इसी बीच गंगापुर थाने के थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह कमांडो का भी जयपुर तबादला हो गया है। इसके बाद कानून-व्यवस्था से जुड़े कामकाज को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। क्षेत्र में पुलिस प्रशासन की कमान अब किस अधिकारी के हाथों होगी और नई नियुक्ति कब तक होगी, इस पर भी लोगों की नजर बनी हुई है।
वहीं, हाल ही में गंगापुर में पदभार संभालने वाले विकास अधिकारी हंसराज गुर्जर का भी तबादला हो गया। अधिकारी के पदभार संभालने के कुछ ही समय बाद तबादले से विकास कार्यों की गति और प्रशासनिक निरंतरता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लगातार अधिकारियों के आने-जाने से योजनाओं की मॉनिटरिंग और लंबित कार्यों को गति देने में दिक्कत आने की आशंका जताई जा रही है।
गंगापुर नगरपालिका की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही बनी हुई है। नगरपालिका में हमीरगढ़ में पदस्थापित ईओ भानु प्रताप के पास अतिरिक्त कार्यभार है। एक अधिकारी पर दो जगहों की जिम्मेदारी होने से स्थानीय निकाय के नियमित कामकाज पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है। खासकर अब जबकि नगरपालिका चुनाव सिर पर हैं, प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं।
गंगापुर नगरपालिका में स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियां शुरू होने के बीच अधिकारियों के लगातार तबादले और महत्वपूर्ण पदों के रिक्त रहने से सबसे बड़ा सवाल चुनावी कामकाज को लेकर है। वार्ड स्तर से लेकर नामांकन, प्रशासनिक व्यवस्थाओं, चुनावी तैयारियों और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं तक बड़ी जिम्मेदारियां स्थानीय प्रशासन के कंधों पर होंगी। ऐसे में समय रहते पर्याप्त अधिकारियों की नियुक्ति नहीं हुई तो चुनावी तैयारियों पर इसका असर पड़ सकता है।
लगातार तबादलों से प्रशासनिक व्यवस्था में स्थायित्व का अभाव दिखाई देने लगे तो इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। गंगापुर क्षेत्र में लगातार हो रहे अधिकारियों के तबादलों को लेकर अब आमजन में सवाल उठने लगा है कि क्या प्रशासनिक पोस्टिंग में राजनीतिक प्रभाव हावी हो रहा है या इसके पीछे कोई प्रशासनिक वजह है। इन सवालों का जवाब संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को देना होगा।
फिलहाल गंगापुर में तहसील, पुलिस, पंचायत और नगरपालिका स्तर पर अधिकारियों के तबादलों ने प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। चुनावी माहौल के बीच यदि जल्द ही रिक्त पदों पर सक्षम अधिकारियों की नियुक्ति नहीं हुई तो आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।