गंगापुर नगरपालिका चुनाव में 97 नामांकन वैध, 47 बागियों ने बढ़ाई कांग्रेस-भाजपा की चिंता
गंगापुर नगरपालिका चुनाव में नामांकन जांच पूरी होने के बाद 97 उम्मीदवारों के पर्चे वैध पाए गए। 47 बागी उम्मीदवारों ने कांग्रेस-भाजपा की चिंता बढ़ा दी है। अब नाम वापसी पर सभी की नजरें टिकी हैं।
तस्वीर में निर्वाचन अधिकारी विवेक गुर्जर और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि गंगापुर नगरपालिका चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया के दौरान कार्यालय में बैठे नजर आ रहे हैं।
गंगापुर, भीलवाड़ा। गंगापुर नगरपालिका चुनाव महासंग्राम में नामांकन पत्रों की जांच का महत्वपूर्ण दौर पूरा हो गया है। निर्वाचन अधिकारी विवेक गुर्जर की मौजूदगी में हुई जांच के बाद कुल 97 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र वैध पाए गए। जांच प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष धीरज चंदेल और भाजपा प्रतिनिधि अरविंद चौधरी सहित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
नामांकन जांच पूरी होने के बाद गंगापुर नगरपालिका चुनाव की तस्वीर धीरे-धीरे स्पष्ट होने लगी है। हालांकि, कांग्रेस और भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनके ही बागी उम्मीदवार बनकर खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार विभिन्न वार्डों से 47 बागी उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। इससे दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के खेमों में खलबली मची हुई है।
टिकट नहीं मिलने से नाराज कई दावेदार अब चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा नेताओं के सामने बागियों को मनाने की चुनौती खड़ी हो गई है। पार्टी नेता लगातार नाराज कार्यकर्ताओं और दावेदारों से संपर्क साध रहे हैं, ताकि नाम वापसी की अंतिम तिथि से पहले उन्हें चुनाव मैदान से हटाया जा सके।
बागी उम्मीदवारों को मनाने के लिए संगठन में उचित सम्मान और भविष्य में तवज्जो देने जैसे आश्वासन दिए जाने की जानकारी सामने आई है। कई नेता व्यक्तिगत स्तर पर बातचीत कर नाराज दावेदारों को समझाने में जुटे हैं। वहीं, कुछ बागी उम्मीदवारों के समर्थक उन्हें चुनाव मैदान में डटे रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
गंगापुर नगरपालिका के 25 वार्डों में होने वाले चुनाव में यदि 47 बागी उम्मीदवारों की संख्या बरकरार रहती है तो कई वार्डों में कांग्रेस और भाजपा के अधिकृत उम्मीदवारों का चुनावी गणित बिगड़ सकता है। त्रिकोणीय और चतुष्कोणीय मुकाबले की संभावना के चलते राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं।
अब सभी की निगाहें नामांकन वापसी की प्रक्रिया पर टिकी हैं। यदि दोनों दल अपने अधिकतर बागी उम्मीदवारों को मनाने में सफल रहे तो कई वार्डों में मुकाबला सीधे कांग्रेस और भाजपा के बीच रह सकता है। वहीं, बागी मैदान में डटे रहे तो कई वार्डों में वोटों के बिखराव की स्थिति बन सकती है।
कुल मिलाकर, नामांकन पत्रों की जांच में 97 उम्मीदवारों के पर्चे वैध पाए जाने के बाद गंगापुर नगरपालिका चुनाव महासंग्राम और रोचक हो गया है। एक ओर अधिकृत उम्मीदवार अपनी चुनावी रणनीति बनाने में जुट गए हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस और भाजपा नेतृत्व अपने नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाने में लगा है। अब नाम वापसी की अंतिम प्रक्रिया तय करेगी कि कितने बागी चुनावी मैदान से पीछे हटते हैं और कितने दोनों प्रमुख दलों के लिए चुनौती बने रहते हैं।