भीलवाड़ा में महिला को ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या, दंपति को उम्रकैद और जुर्माना
भीलवाड़ा में पुरानी रंजिश के चलते खेत में महिला पर ट्रैक्टर चढ़ाकर हत्या के मामले में गंगापुर अदालत ने आरोपी दंपति को उम्रकैद सुनाई। राजू सुवालका और रामू सुवालका पर ₹65,000-₹65,000 जुर्माना भी लगाया।
भीलवाड़ा में पुरानी रंजिश के चलते खेत में एक महिला पर ट्रैक्टर चढ़ाकर हत्या करने के मामले में गंगापुर के अपर सेशन न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाया है। न्यायाधीश अनिता ने बिकराई निवासी आरोपी राजू उर्फ राजकुमार सुवालका (40) और उसकी पत्नी रामू सुवालका (37) को हत्या समेत अन्य गंभीर अपराधों का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों अभियुक्तों पर ₹65,000-₹65,000 का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उन्हें अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।
मामला 9 जुलाई 2024 का है। पीड़िता लाली देवी (45) अपने खेत पर काम कर रही थी। परिवादी पिंटू सुवालका की रिपोर्ट के अनुसार, पुरानी रंजिश को लेकर आरोपी पक्ष लंबे समय से परिवार को प्रताड़ित कर रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने लाली देवी के साथ पहले लाठियों से मारपीट की और इसके बाद उन पर पुराना ट्रैक्टर चढ़ाकर बुरी तरह कुचल दिया।
गंभीर रूप से घायल लाली देवी को उपचार के लिए बांगड़ अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपियों की प्रताड़ना से तंग आकर परिवादी पिंटू सुवालका के पिता पहले ही आत्महत्या कर चुके थे।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों आरोपियों को हत्या समेत अन्य धाराओं में दोषी माना। हत्या के लिए धारा 103(1)/3(5) BNS के तहत दोनों को आजीवन कारावास और ₹50,000 जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा नहीं करने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मारपीट और चोट पहुंचाने के अपराध में धारा 115(2)/3(5) BNS के तहत 1 वर्ष का कठोर कारावास और ₹10,000 जुर्माना लगाया गया। वहीं, रास्ता रोकने के अपराध में धारा 126(2) BNS के तहत 1 माह की साधारण कैद और ₹5,000 जुर्माने की सजा सुनाई गई।
मामले में राज्य पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक दिनेशचंद्र बापना और परिवादी की ओर से अधिवक्ता पुष्पेंद्र सुवालका ने पैरवी की। गंगापुर अपर सेशन न्यायालय के इस फैसले के साथ खेत में ट्रैक्टर से कुचलकर महिला की हत्या के मामले में आरोपी दंपति को आजीवन कारावास की सजा हुई है।