भीलवाड़ा। शहर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का नया तरीका सामने आया है। पुलिस ने गश्त के दौरान मानसरोवर झील के पास बनी गुमटी से दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। आरोपी एक गरीब मजदूर को रक्षाबंधन पर नए कपड़े, सरकारी योजना का पैसा और लोन दिलाने का झांसा देकर उसके दस्तावेजों पर फर्जी म्युल बैंक खाता खुलवाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस की कार्रवाई से मजदूर ठगी का शिकार होने से बच गया।

घटनाक्रम की शुरुआत आरोपी अंकित कुमार द्वारा मजदूर राजू रैगर को रक्षाबंधन पर मुफ्त कपड़े दिलाने का झांसा देकर भीलवाड़ा बुलाने से हुई। इसके बाद पांसल चौराहे पर आरोपी कुलदीप भी उनके साथ जुड़ गया। उसने कॉल करने का बहाना बनाकर मजदूर राजू का मोबाइल लिया और उसमें रखे पैन कार्ड की फोटो खींच ली। इसके बाद पैन कार्ड की फोटो का प्लास्टिक कार्ड पर प्रिंट निकाल लिया गया।

आरोपी राजू को मानसरोवर झील के पास ले गए। वहां उन्होंने तीन बैंक खाते खुलवाने के बदले प्रति खाता 1500 रुपये देने या लोन दिलाने का लालच दिया। इसी दौरान प्रतापनगर थाने के कांस्टेबल कुलदीप और मुकेश को मुखबिर से आरोपियों के बारे में सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस ने रेड मारकर दोनों आरोपियों को दबोच लिया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से डिजिटल ठगी में इस्तेमाल होने वाला भारी मात्रा में सामान जब्त किया है। इनमें तीन स्मार्टफोन, अलग-अलग नामों के 8-8 कार्ड, आठ पासबुक, कई चेकबुक व चेक लीफ, अलग-अलग बैंकों के 10 एटीएम/डेबिट कार्ड और डिजिटल पेमेंट ऐप के छह स्कैनर शामिल हैं।

थानाधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धाराओं के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी भोले-भाले लोगों को पैसों का लालच देकर म्युल अकाउंट खुलवाते थे। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में होने वाली साइबर ठगी और ऑनलाइन गेमिंग से हासिल अवैध रकम को ट्रांसफर करने यानी मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जाता था। पुलिस अब इस गिरोह के बाकी नेटवर्क को खंगाल रही है।

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