तस्वीर में महात्मा गांधी ब्लड सेंटर में चिकित्सा स्टाफ और अधिकारियों की मौजूदगी में बेड पर लेटे हुए अर्पित बाहेती SDP (सिंगल डोनर प्लेटलेट) दान करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में भर्ती थ्रोम्बोसाइटोपेनिया से ग्रसित मरीज अनिता पत्नी मुकुटबिहारी का प्लेटलेट काउंट घटकर 15,000 रह गया था। चिकित्सकों ने मरीज को SDP (Single Donor Platelet) चढ़ाने की सलाह दी। मरीज का ब्लड ग्रुप O Negative होने और SDP डोनर उपलब्ध नहीं होने पर महात्मा गांधी ब्लड सेंटर में कार्यरत जनसंपर्क अधिकारी (PRO) अर्पित बाहेती ने आगे आकर स्वयं SDP दान किया।

अर्पित बाहेती का यह 46वां रक्तदान था। इससे पहले भी वह जरूरतमंद मरीजों के लिए 45 बार रक्तदान कर चुके हैं। SDP दान के दौरान चिकित्सा प्रभारी अधिकारी डॉ. दीपक गोयल, डॉ. प्रतिभा शेखावत, डॉ. जया शेखावत, प्रभारी अधिकारी दिनेश चंद शर्मा, नर्सिंग ऑफिसर नेमीचंद जैन, लैब टेक्नीशियन कमलेश मीणा और लैब टेक्नीशियन नारायण उपस्थित रहे तथा अर्पित बाहेती का उत्साहवर्धन किया।

अर्पित बाहेती ने कहा कि जरूरतमंद मरीज को समय पर रक्त या प्लेटलेट उपलब्ध करवाना ही रक्तदान की सार्थकता है। उन्होंने लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने और जरूरत के समय प्लेटलेट दान के लिए आगे आने की अपील की।

मरीज के लिए SDP डोनर उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में अर्पित बाहेती द्वारा स्वयं SDP दान किए जाने से समय पर प्लेटलेट उपलब्ध हो सके। उनका यह रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त और प्लेटलेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के महत्व को सामने लाता है।

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