भीलवाड़ा, 29 सितंबर 2026। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी भीलवाड़ा (देहात) के तत्वावधान में मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। दोपहर 2:00 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में देहात क्षेत्र के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष चुनाव प्रणाली और लोकतंत्र की रक्षा की मांग उठाते हुए वोट चोरी और चुनावी धांधली के आरोपों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया। मुख्य द्वार पर तैनात भारी पुलिस जाप्ते ने बैरिकेड्स लगाकर कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं देहात जिलाध्यक्ष रामलाल जाट ने केंद्र की भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में जनता का मत सर्वोपरि होता है, लेकिन आज निष्पक्ष संवैधानिक संस्थाओं को केंद्र सरकार का राजनीतिक औजार बना दिया गया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अपने ही साथी आयुक्तों की आपत्तियों को दरकिनार कर तानाशाही तरीके से फैसले लिए हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर देश भर में करोड़ों वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं, जो सीधे-सीधे जनादेश की डकैती और वोट चोरी का षड्यंत्र है। हालिया नगरीय निकाय चुनावों में भी प्रशासन और धन-बल का खुला दुरुपयोग कर जनमत की हत्या की गई। कांग्रेस का कार्यकर्ता इस तानाशाही और बेईमानी के सामने न झुका है, न झुकेगा। जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त को बर्खास्त नहीं किया जाता और मतदाता सूचियों में किए गए बदलावों की निष्पक्ष जांच नहीं होती, कांग्रेस का यह संघर्ष कलेक्ट्रेट से लेकर संसद तक और तेज होगा।"

सभा को पूर्व विधायक हगामी लाल मेवाड़ा, विधायक प्रत्याशी ओम नराणीवाल, पूर्व विधायक प्रदीप कुमार सिंह, विधायक प्रत्याशी राजेंद्र त्रिवेदी, विधायक प्रत्याशी नरेंद्र रेगर तथा पूर्व जिला प्रमुख व महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशीला सालवी ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि चुनाव आयोग की स्वायत्तता खत्म कर एक व्यक्ति की मनमर्जी थोपी जा रही है। नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को तत्काल पद से हटाने, उन पर विधिक कार्रवाई करने और उनके कार्यकाल के फैसलों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग उठाई।

प्रदर्शन में भंवर गर्ग, दुर्गपाल सिंह, रणदीप त्रिवेदी, गोवर्धन गुर्जर, पीसीसी सचिव शंकर लाल गाडरी, चेतन पेशवानी, विजय सिंह, प्रद्युम्न सिंह, सुमित कालिया, प्रभु लाल जाट, लखन काकानी, हेमेन्द्र शर्मा, बाबू लाल माली, महावीर कुमावत, राधेश्याम गुर्जर, इशाक मोहम्मद, शंकर लाल जाट, महावीर लढ़ा, आशीष चौधरी, तूफ़ान यादव, अंकित तिवाड़ी, विकाश सुवालका सहित अग्रिम संगठनों, विभागों/प्रकोष्ठों जिला अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष एवं सैकड़ों की संख्या में निष्ठावान कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन महेश सोनी ने किया।

प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट में प्रवेश के प्रयास, पुलिस द्वारा बैरिकेड्स पर रोकने, नारेबाजी और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतला दहन के जरिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराया।

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