भीलवाड़ा: कपड़ा गोदाम में शॉर्ट सर्किट से आग, 3 करोड़ का माल राख
दीपावली के लिए स्टॉक किए गए कपड़ों के गोदाम में लगी आग पर पांच दमकल वाहनों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू।
तस्वीर में भीलवाड़ा के एक गोदाम की खिड़की की ग्रिल से आग की लपटें निकलती दिख रही हैं।
भीलवाड़ा। शहर की आरके कॉलोनी में मंगलवार सुबह शराब गोदाम के निकट स्थित रेडीमेड कपड़ों के बंद गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। गोदाम में बड़ी मात्रा में कपड़ों का स्टॉक रखा होने से आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। गोदाम से उठते धुएं के गुबार और आग की लपटें देखकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया।
सब इंस्पेक्टर प्रभाती लाल ने बताया कि विनोद सोनी और अजय के रेडीमेड कपड़ों के गोदाम में सुबह करीब 11 बजे शॉर्ट सर्किट के चलते आग लगी। घटना के समय गोदाम बंद था। आसपास के लोगों ने गोदाम से धुआं निकलता देखा तो तत्काल पुलिस और गोदाम संचालकों को सूचना दी।
सूचना मिलते ही सुभाषनगर थाना प्रभारी कैलाश कुमार विश्नोई और सब इंस्पेक्टर प्रभाती लाल पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम की दमकल टीम को सूचना दी गई। इसके बाद एक के बाद एक पांच दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। दमकल वाहनों ने दो दर्जन से ज्यादा फेरे लगाए।
गोदाम में कपड़ों का भारी स्टॉक होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए करीब दो घंटे तक मशक्कत की। इसके बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गोदाम संचालकों ने दीपावली सीजन को देखते हुए बड़ी मात्रा में रेडीमेड कपड़े मंगवाकर गोदाम में स्टॉक कर रखे थे। आग इतनी भीषण थी कि गोदाम में रखा पूरा माल जलकर राख हो गया।
सब इंस्पेक्टर प्रभाती लाल के अनुसार प्रथम दृष्टया गोदाम संचालकों ने आगजनी से करीब ढाई से तीन करोड़ रुपए के नुकसान की बात बताई है। हालांकि वास्तविक नुकसान का आकलन जांच और मौके के निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
भीषण आग के चलते आसपास के इलाके में काफी देर तक दहशत का माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए, जिससे घटनास्थल पर भीड़ और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट सामने आया है। हालांकि पूरे मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है। आग से हुए वास्तविक नुकसान और घटना के अन्य पहलुओं की जांच के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।