भीलवाड़ा: 70 वर्षीय बुजुर्ग पर फायरिंग के मामले में मांडल पुलिस ने 2 आरोपियों को पकड़ा
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जवाहर लाल व छोटू भील गिरफ्तार, वारदात में प्रयुक्त हथियार और हमले का कारण पता लगा रही पुलिस।
भीलवाड़ा के सीदड़ियास में शुक्रवार रात 70 वर्षीय बुजुर्ग पर हुई फायरिंग के मामले में मांडल पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। रात के अंधेरे में चली गोली से शंकर सिंह दरोगा के कंधे के पास छर्रा धंस गया था। पुलिस ने मोबाइल फॉरेंसिक, स्पेशल मोबाइल अनुसंधान, तकनीकी साक्ष्यों और आसपास लगे सीसी टीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
मांडल पुलिस के अनुसार, घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके साथ ही क्षेत्र में शिकार का शौक रखने वाले और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त लोगों पर निगरानी बढ़ाई गई। तकनीकी जांच और सीसी टीवी फुटेज के आधार पर दो संदिग्धों को चिन्हित कर दबोच लिया गया।
पुलिस ने मामले में बड़ी का खेड़ा (दुल्हेपुरा) निवासी जवाहर लाल उर्फ प्रकाश भील (34) तथा सीदड़ियास निवासी, हाल मुकाम भीलवाड़ा, छोटू भील (34) को गिरफ्तार किया है। दोनों से घटना में इस्तेमाल हथियार, फायरिंग के कारण और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बुजुर्ग को निशाना बनाने के पीछे क्या वजह थी।
घटना शुक्रवार रात की है। सीदड़ियास निवासी शंकर सिंह दरोगा (70) गणेशपुरा मार्ग स्थित अपने बाड़े में बैठे थे। इसी दौरान अचानक हुई फायरिंग में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली चलने के बाद चीख-पुकार मच गई और परिजनों में हड़कंप मच गया। उन्हें तत्काल महात्मा गांधी चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उपचार के लिए भर्ती किया गया।
चिकित्सकीय जांच के दौरान बुजुर्ग के कंधे के पास से पोटाश का कण/छर्रा निकाला गया। इसके बाद फायरिंग की पुष्टि हुई और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया। घटनास्थल और आसपास के इलाकों से साक्ष्य जुटाने के साथ सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई।
पुलिस ने तकनीकी संसाधनों की मदद से संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी। मोबाइल फॉरेंसिक, स्पेशल मोबाइल अनुसंधान और तकनीकी साक्ष्यों के साथ सीसी टीवी फुटेज की पड़ताल के बाद जांच दो युवकों तक पहुंची और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
अब पुलिस की पूछताछ में यह सामने आना बाकी है कि बुजुर्ग पर गोली क्यों चलाई गई, फायरिंग किस हथियार से हुई और वारदात के पीछे असली वजह क्या थी। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर इन सवालों के जवाब तलाश रही है। मामले में तकनीकी जांच के आधार पर हुई गिरफ्तारियों के बाद फायरिंग की पूरी कहानी सामने आने की उम्मीद है।