गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने डीग पहुंचकर ब्रज के विरक्त संत रमेश बाबा महाराज के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की.

डीग, 9 अक्टूबर। ब्रज के विरक्त संत और पद्मश्री से सम्मानित संत रमेश बाबा महाराज के निधन से ब्रज क्षेत्र में शोक की लहर है। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने 9 अक्टूबर को डीग पहुंचकर संत रमेश बाबा महाराज के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संत ने अपना संपूर्ण जीवन आध्यात्म, कृष्ण भक्ति और ब्रजभूमि की सेवा के लिए समर्पित कर दिया।

गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने बताया कि संत रमेश बाबा महाराज ने मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे राधा नाम का स्मरण करते हुए देह त्याग दी। उनके निधन को ब्रज क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए मंत्री ने कहा कि संत ने अपने जीवन में आध्यात्म और कृष्ण भक्ति के माध्यम से आमजन को जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

मंत्री बेढ़म के अनुसार, संत रमेश बाबा महाराज ने पूरे ब्रज क्षेत्र में आध्यात्म और कृष्ण भक्ति का संदेश पहुंचाने के लिए अनेक यात्राएं निकालीं। इन यात्राओं के माध्यम से उन्होंने लोगों में सद्विचार और सद्भाव की भावना विकसित करने के साथ प्रेम तथा भाईचारे का संदेश दिया। उनका जीवन आध्यात्मिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए समर्पित रहा।

जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि संत रमेश बाबा महाराज ने ब्रज के वन, पर्वत, पवित्र कुंडों और यमुना के संरक्षण के लिए लंबे समय तक जनजागरण अभियान चलाया। ब्रजभूमि की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए उनके प्रयासों को हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने आध्यात्म और कृष्ण भक्ति के प्रसार के साथ ब्रज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के प्रति लोगों को जागरूक करने में अहम योगदान दिया।

गृह राज्य मंत्री ने संत रमेश बाबा महाराज के निधन पर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा, “संत रमेश बाबा महाराज के निधन पर मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन ब्रजभूमि, आध्यात्म और कृष्ण भक्ति के लिए समर्पित किया। उनके विचार और समाज में प्रेम, भाईचारे तथा सद्भाव का संदेश हमेशा लोगों को प्रेरणा देता रहेगा।”

संत रमेश बाबा महाराज का आध्यात्म, कृष्ण भक्ति, सामाजिक सद्भाव और ब्रजभूमि के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए किया गया कार्य उनकी विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा। उनके निधन से ब्रज क्षेत्र में शोक का माहौल है और उनके विचारों तथा योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

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