डीग के मास्टर आदित्येंद्रजी राजकीय महाविद्यालय में पंचायतीराज आम चुनाव-2026 के तहत आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में रिटर्निंग अधिकारियों को संबोधित करते जिला निर्वाचन अधिकारी मयंक मनीष।   

डीग, 14 अक्टूबर। पंचायतीराज आम चुनाव-2026 की निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए डीग जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर मयंक मनीष ने बुधवार को मास्टर आदित्येंद्रजी राजकीय महाविद्यालय, डीग के राधाकृष्णन सभागार में चल रहे रिटर्निंग अधिकारियों (आरओ) के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिरकत कर निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े नियमों और निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। प्रशिक्षण के दौरान सरपंच एवं पंच के निर्वाचन के लिए नामांकन प्रक्रिया, मतदान, मतगणना और उपसरपंच के निर्वाचन की विस्तृत जानकारी दी गई।

बुधवार को 135 रिटर्निंग अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जबकि मंगलवार को 207 आरओ को प्रशिक्षण दिया गया था। इस तरह दोनों दिनों में कुल 342 रिटर्निंग अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य निर्वाचन से संबंधित प्रत्येक प्रक्रिया की जानकारी देकर चुनाव को निर्धारित नियमों के अनुरूप संपन्न कराना है।

जिला निर्वाचन अधिकारी मयंक मनीष ने कहा कि पंचायतीराज आम चुनाव-2026 की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और डीग जिले में तृतीय एवं चतुर्थ चरण में चुनाव संपादित कराए जाएंगे। निर्वाचन प्रक्रिया में रिटर्निंग अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए सभी अधिकारी निर्वाचन से संबंधित नियमों, निर्देशों और प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी रखें तथा प्रत्येक कार्य निर्धारित प्रावधानों के अनुसार संपादित करें।

उन्होंने नामांकन प्रक्रिया को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नामांकन पत्रों की जांच सावधानीपूर्वक की जाए। केवल मामूली लेखन संबंधी त्रुटियों के आधार पर नामांकन पत्र निरस्त करने के बजाय नियमानुसार उनका परीक्षण कर निर्णय लिया जाए। नामांकन पत्र स्वीकार करने या निरस्त करने की कार्रवाई निर्धारित नियमों और पात्रता संबंधी प्रावधानों के अनुरूप ही होनी चाहिए।

मयंक मनीष ने निर्देश दिए कि सरपंच एवं पंच के चुनाव में नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना तक प्रत्येक चरण में निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्वाचन संबंधी सामग्री और उपलब्ध कराई गई पुस्तिकाओं का पूर्ण अध्ययन करने को कहा। नियमों को लेकर किसी प्रकार की शंका होने पर जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर से मार्गदर्शन लेने तथा आवश्यकता पड़ने पर अनुभवी रिटर्निंग अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर शंकाओं का समाधान करने के निर्देश दिए, ताकि निर्वाचन के दौरान प्रक्रिया संबंधी किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचा जा सके।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में नामांकन प्रक्रिया, निर्वाचन संपादित कराने, मतपत्र एवं मतपेटी के उपयोग तथा मतगणना की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। अधिकारियों को ईवीएम, मतपत्र और मतपेटी का प्रत्यक्ष प्रदर्शन कर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे वे निर्वाचन के दौरान आवश्यक प्रक्रियाओं को सही तरीके से संपादित कर सकें।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतगणना के दौरान निर्धारित नियमों के अनुसार ही अधिकृत व्यक्तियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और मतगणना सावधानीपूर्वक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने बताया कि उपसरपंच का निर्वाचन अप्रत्यक्ष प्रक्रिया से होता है, इसलिए इससे संबंधित नियमों और निर्धारित प्रक्रिया का कड़ाई से पालन किया जाए।

उन्होंने निर्वाचन संबंधी परिस्थितियों में आमजन और अभ्यर्थियों को नियमों की जानकारी शांतिपूर्वक समझाते हुए पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित बनाए रखने पर भी जोर दिया। आवश्यकता पड़ने पर माह के अंत में रिटर्निंग अधिकारियों का अतिरिक्त प्रशिक्षण आयोजित कराने की बात कही। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप जिला निर्वाचन अधिकारी देवेंद्र परमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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