तस्वीर में बारां जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपने आए सहरोद गांव के ग्रामीण और गोसेवक नजर आ रहे हैं।

ग्राम पंचायत सहरोद, तहसील अटरू की 500 एकड़ चारागाह भूमि पर पिछले 20-25 वर्षों से अतिक्रमण किए जाने का मामला सामने आया है। अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर सहरोद गांव के ग्रामीणों ने सोमवार को सत्यप्रकाश नागर के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

सतीश नागर ने बताया कि ग्राम पंचायत सहरोद, तहसील अटरू में स्थित 500 एकड़ चारागाह भूमि पर गांव के कुछ पूंजीपतियों और दबंग व्यक्तियों ने पिछले 20-25 वर्षों से कब्जा कर रखा है। ग्रामीणों के अनुसार चारागाह भूमि पर अतिक्रमण के कारण ग्रामवासियों को मवेशियों के लिए चारा-पानी की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

नवल शर्मा ने बताया कि दबंगों द्वारा किसानों के खेतों तक आने-जाने वाले रास्तों को भी बंद कर दिया गया है। इससे ग्रामीणों को अपने खेतों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।

पवन गौतम ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी प्रशासन को कई बार प्रार्थना पत्र दिए गए थे। कुछ कार्रवाई भी हुई थी, लेकिन कार्रवाई बीच में ही रुक जाने से दबंगों के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार चारागाह भूमि पर अतिक्रमण कर रहे हैं।

रिंकू नागर ने जिला कलेक्टर से मांग की कि ग्राम पंचायत सहरोद में स्थित 500 एकड़ चारागाह भूमि को शीघ्र अतिक्रमण मुक्त करवाकर ग्रामवासियों को राहत प्रदान की जाए।

श्री वासुदेव गौसेवा समिति बारां के गौरव शर्मा निमोदा ने बताया कि अगर 7 दिनों के अंदर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो समस्त ग्रामवासी एवं बारां जिले के गोसेवक मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे। ऐसे में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

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