तस्वीर में बारां के मंदिर परिसर में पर्यूषण पर्व के दौरान हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हुए श्रद्धालु नजर आ रहे हैं।

बारां। श्रीजैन श्वेताम्बर समाज मूर्ति पूजक संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र रंगावत, अशोक बोरडिया और विरेन्द्र श्रीमाल ने बताया कि गुरुवार को कल्पसूत्र बोहराने की बोली अन्ता विधायक एवं पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया, यश भाया पारख परिवारजनों के नाम रही।

पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व की आराधना करवाने के लिए अखिल भारतीय श्री वर्धमान जैन नवयुवक मण्डल, जावरा से भावेश जी हरण, ओजस जी सुराणा एवं रक्षित जी कोचर पधारे हैं। साधार्मिक बंधुओं के प्रवचन 5 दिन तक चलेंगे।

बारां जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया, निर्मला बोरड़िया और निर्मला श्रीमाल ने बताया कि साधार्मिक बंधुओं ने पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन श्रीसंघ की महत्ता और भक्ति योग के विषय में विचार रखे। उन्होंने कहा कि तीर्थंकर परमात्मा स्वयं जिस श्रीसंघ को नमस्कार करते हैं, वह श्रीसंघ वंदनीय है। कर्मयोग या ज्ञानयोग में मन सक्रिय हो जाता है, किन्तु भक्ति योग में हृदय घूमने लगता है। अध्यात्म जगत में मन की जिसने मानी, वह सब मरे और मन को भी मारा, वे सभी तीरे।

साधार्मिक बंधुओं ने संघ पूजा, साधार्मिक भक्ति, यात्रत्रिक, स्नात्र महोत्सव, देव द्रव्य वृद्धि, महापूजा, रात्रि जागरण, श्रुत पूजा, उद्यापन, शासन प्रभावना और आलोचना सहित 11 कर्तव्यों के बारे में बताया।

भाया ने बताया कि कल से दो दिवस गिरनार स्पर्श यात्रा कार्यक्रम आयोजित होगा। उन्होंने समाज बंधुओं से इसमें अधिक से अधिक संख्या में पधारने का आग्रह किया।

मंदिर के राजेश पुजारी द्वारा स्नात्र पूजा एवं भजन भक्ति कार्यक्रम सम्पन्न करवाया गया। गुरुवार की स्नात्र पूजा प्रमोद मारू, राहुल-खुशबू मारू और सचिन-मीनाक्षी मारू परिवारजनों की तरफ से सम्पन्न हुई। भोजन हेमन्त जी और ऋषभ जी बामला वालों के परिवारजनों की तरफ से रहा।

पर्यूषण पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में नवयुवक मण्डल, महिला मण्डल सहित सकल श्रीसंघ उपस्थित रहा। इस दौरान पर्व की आराधना के साथ 11 कर्तव्यों की जानकारी और आगामी गिरनार स्पर्श यात्रा कार्यक्रम की जानकारी समाजजनों को दी गई।

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