मनराज दीवाना के गीतों पर झूमे दर्शक, बेकाबू भीड़ को संभालने पुलिस ने फटकारी लाठियां
बारां के मांगरोल रोड स्थित डोल मेले में राजस्थानी लोकगायक मनराज दीवाना के गीतों पर भारी भीड़ उमड़ी, जिसे संभालने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी।
बारां के मांगरोल रोड पर आयोजित ऐतिहासिक डोल मेले के रंगमंच पर राजस्थानी लोकगायक मनराज दीवाना अपनी प्रस्तुति देते हुए और उन्हें देखने के लिए जुटी भारी भीड़।
बारां। शहर के मांगरोल रोड पर आयोजित ऐतिहासिक डोल मेले के रंगमंच पर मंगलवार रात राजस्थानी लोकगायक मनराज दीवाना की गीतों से सजी महफिल में बड़ी संख्या में दर्शक उमड़े। लोकप्रिय राजस्थानी प्रस्तुतियां शुरू होते ही श्रोता उत्साह में झूमने लगे। इस दौरान भीड़ कई बार अनियंत्रित हुई, जिसे संभालने के लिए पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
साधारण वेशभूषा और नंगेपांव मंच पर पहुंचे मनराज दीवाना ने गणपति वंदना के बाद अपने गुर्जर समाज के लोकप्रिय गीतों के साथ राजस्थानी लोकगीतों की सुरमयी शाम सजाई। उनकी प्रस्तुतियों का असर ऐसा रहा कि देर रात तक दर्शक और महिलाएं कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे। युवा श्रोता गीतों पर खासे उत्साहित नजर आए और कई बार भीड़ अनियंत्रित हो गई।
एक बार मंत्रमुग्ध हुजूम मंच के नजदीक पहुंचने लगा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मोर्चा संभाला और लाठियां फटकारीं। मंच भी श्रोताओं से भरा रहा। पूरे आयोजन के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अमला भीड़ को व्यवस्थित करने में जुटा रहा।
डोल मेला रंगमंच मीडिया प्रभारी लक्ष्मण वर्मा सागर ने बताया कि राजस्थानी लोकगीतों की लोकप्रिय प्रस्तुतियों के बीच मनराज दीवाना ने ‘दो दिल सीने में’, ‘तू बदल गई जानू’ और ‘थार लिए मर जाऊं’ जैसे चर्चित गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं का मनोरंजन किया। गीतों की धुन पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे और तालियों की गड़गड़ाहट से रंगमंच परिसर गूंजता रहा।
कार्यक्रम के दौरान चित्रहार भी प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत में डोल मेला अध्यक्ष नीरज नागर मौजूद रहे। उनके साथ सभी कलाकारों समेत पार्षद अशोक मीणा, महेश राठौर और खिलाड़ी गोल्ड मेडलिस्ट अमन पठान इत्यादि उपस्थित रहे। मनराज दीवाना की प्रस्तुतियों के दौरान उमड़ी भीड़ और दर्शकों के उत्साह के बीच पुलिस-प्रशासन को लगातार व्यवस्था संभालनी पड़ी।