तस्वीर में मेरठ के पीएसी ग्राउंड पर पुलिस अधिकारी भर्ती व्यवस्था का जायजा लेते दिख रहे हैं।

मेरठ। उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती की प्रक्रिया के तहत सोमवार को मेरठ स्थित छठी वाहिनी पीएसी परिसर में शुरू हुई शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) के पहले ही दिन 8 अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ गई। इनमें मुजफ्फरनगर और शामली के अभ्यर्थी भी शामिल हैं। दो अभ्यर्थियों के पैर में गंभीर फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई है। सभी अभ्यर्थियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस भर्ती बोर्ड की निर्धारित समय सारिणी के अनुसार सोमवार को विभिन्न राउंड में कुल 828 अभ्यर्थियों ने शारीरिक दक्षता परीक्षा में दौड़ लगाई। गर्मी से राहत के लिए परीक्षा सुबह 5:00 बजे से शुरू की गई। अभ्यर्थियों को 25 मिनट की निर्धारित समय सीमा में 4.8 किलोमीटर की दूरी पूरी करनी थी। इसके लिए ग्राउंड पर बनाए गए रेसिंग ट्रैक के कुल 12 चक्कर लगाना अनिवार्य था।

दौड़ के दौरान अत्यधिक शारीरिक मेहनत के कारण कई अभ्यर्थियों को डिहाइड्रेशन और मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या हुई। तबीयत बिगड़ने पर ट्रैक पर मौजूद मेडिकल टीमों ने तत्काल प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद आठ अभ्यर्थियों को एम्बुलेंस की मदद से एसडीएस ग्लोबल अस्पताल और अन्य निकटतम सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

पुलिस आरक्षी भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान मुजफ्फरनगर निवासी विपुल, शामली निवासी अजय, पंकज व रितिक शर्मा, गाजियाबाद निवासी मुकुल और मोदीनगर निवासी आकाश की तबीयत बिगड़ गई। वहीं गौतमबुद्धनगर निवासी प्रिंस और बागपत निवासी सुमित डांगी के पैर में फ्रैक्चर हो गया। सभी को एसडीएस ग्लोबल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की विशेष निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है।

मेरठ के छठी वाहिनी पीएसी केंद्र पर यह शारीरिक दक्षता परीक्षा करीब सात दिनों तक संचालित की जाएगी। पूरी प्रक्रिया में लिखित परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले लगभग 4,500 अभ्यर्थियों के शामिल होने का अनुमान है।

भर्ती स्थल पर मेडिकल टीमों के साथ आपातकालीन व्यवस्थाएं भी दुरुस्त रखी गई हैं। अभ्यर्थियों के प्रवेश से पहले उनके स्वास्थ्य कार्डों की जांच की जा रही है। पीएसी परिसर के भीतर और ट्रैक के आसपास पर्याप्त संख्या में पैरामेडिकल स्टाफ, जीवन रक्षक दवाएं और एम्बुलेंस तैनात रखी गई हैं, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में अभ्यर्थियों को तत्काल चिकित्सकीय सहायता दी जा सके। पहले दिन आठ अभ्यर्थियों के अस्पताल पहुंचने के बाद पीईटी के दौरान स्वास्थ्य और आपातकालीन व्यवस्थाओं की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।

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