कैथल: फल्गु तीर्थ में लोक कला महोत्सव आयोजित, महाबीर गुड्डू ने दी प्रस्तुति
कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग और फल्गु मंदिर सुधार समिति के संयुक्त तत्वावधान में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया।
तस्वीर में फल्गु तीर्थ कार्यक्रम के दौरान मंच पर सांस्कृतिक नृत्य और अतिथियों का सम्मान समारोह दिख रहा है।
कैथल (हरियाणा)। प्रसिद्ध फल्गु तीर्थ पर आयोजित ‘फल्गु लोक कला महोत्सव’ की सांस्कृतिक संध्या हरियाणवी लोककला, संस्कृति और भक्ति भावना के रंगों से सराबोर रही। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा तथा फल्गु मंदिर सुधार समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में पद्मश्री महाबीर गुड्डू की ‘शिव आराधना’ और सुप्रसिद्ध ‘बम्ब लहरी’ ने दर्शकों को देर रात तक झूमने पर मजबूर कर दिया। लोकनृत्य और लोकगीतों की प्रस्तुतियों ने भी पूरे फल्गु तीर्थ को हरियाणवी संस्कृति से जोड़ दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय, मून्दड़ी के कुलगुरु प्रोफेसर राजेन्द्र कुमार अनायत, सान्निध्यकर्ता पूंडरी विधायक सतपाल जाम्बा, कार्यक्रम के अध्यक्ष अंतर्राष्ट्रीय हरियाणवी लोक कलाकार पद्मश्री महाबीर गुड्डू एवं वस्तु एवं कर विभाग, गाजियाबाद के अतिरिक्त आयुक्त विवेकानन्द शुक्ला, अतिविशिष्ट अतिथि इंद्रप्रस्थ अध्ययन केंद्र के अध्यक्ष विनोद शर्मा विवेक व भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के सह संयोजक उमेश धर्मपाल शर्मा तथा विशिष्ट अतिथि हिसार के सुप्रसिद्ध समाजसेवी वीरेन्द्र चौधरी एवं दिल्ली के एआई स्पेशलिस्ट सिद्धार्थ धर ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद अतिथियों और कलाकारों का ग्राम सरपंच प्रतिनिधि साहब सिंह राणा तथा आयोजक समिति की ओर से फूल माला, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया।
सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत पद्मश्री महाबीर गुड्डू की ओजस्वी प्रस्तुतियों से हुई। उन्होंने ‘शिव आराधना’ और सुप्रसिद्ध ‘बम्ब लहरी’ प्रस्तुत कर फल्गु तीर्थ को शिवमय कर दिया। उनकी दमदार प्रस्तुतियों पर दर्शक झूम उठे और पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
इसके बाद प्रोमिला देवी व उनके समूह ने हरियाणवी संस्कृति की छटा बिखेरते हुए लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी। ‘देशा मै देश हरियाणा’ पर मनमोहक नृत्य के जरिए प्रदेश का गौरव गान किया गया। सामाजिक बुराइयों पर प्रहार करते हुए दल ने ‘नशे मै ना पाड़ियों नशा घर का नाश’ गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर नशामुक्त समाज का संदेश दिया। इसके बाद ‘थारे आने से बढ़ गया मान हरियाणा का’ पर प्रस्तुत नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकनृत्यों की इस श्रृंखला के बाद समूह ने ‘गीता ज्ञान सुना कर बंदे’ लोकगीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में आध्यात्मिक रंग घोल दिया।
हरियाणवी लोकनृत्य और संगीत से ओत-प्रोत कार्यक्रम का संस्कृति-प्रेमी दर्शकों ने देर तक आनंद लिया। अपने संबोधन में विधायक सतपाल जाम्बा ने सामाजिक सरोकारों पर बात करते हुए उपस्थित जनसमूह को स्वच्छता (सफाई), सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने और उत्तम स्वास्थ्य के लिए जैविक खाद्यान्न अपनाने के प्रति जागरूक किया। वहीं मुख्य अतिथि प्रोफेसर राजेन्द्र कुमार अनायत ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ श्रोताओं को वैष्णव शांति का पावन संदेश दिया। इससे कार्यक्रम स्थल का वातावरण पवित्रता और शांति से भर गया।
कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया के कुशल मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार द्वितीय दिवस के कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। विभाग की ओर से संदीप नैन ने समन्वयक की भूमिका का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया। फल्गु मन्दिर सुधार समिति की ओर से दिनेश शर्मा ‘दिनेश’ ने सभी आमंत्रित अतिथियों, कलाकारों और दर्शकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर स्वतन्त्र पत्रकार पवन शर्मा, दिल्ली के वरिष्ठ अधिवक्ता ऋषिपाल, राजेन्द्र शर्मा, मनोज राणा, मास्टर रामकुमार, जगदीश क्वात्रा, संजीव राणा, हर्ष राणा, कपिल वर्मा, तरसेम कुमार, मुकेश शर्मा और संजीत कौशिक सहित सैकड़ों दर्शक उपस्थित रहे। दर्शक कार्यक्रम के अंत तक रुके और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन में सहयोग के लिए कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग का भी विशेष आभार व्यक्त किया गया।