अखिल भारतीय अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन द्वारा आयोजित महासम्मेलन में SCP मेडिकल कॉलेजों में आरक्षण सुरक्षा कानून बनाने की मांग की गई।   

अखिल भारतीय अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन (ABAJKA) की ओर से 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित महासम्मेलन में SCP बचाओ अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिला। सम्मेलन में स्पेशल कंपोनेंट प्लान (SCP) के तहत स्थापित चार मेडिकल कॉलेजों में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित विशेष आरक्षण व्यवस्था की सुरक्षा और इसके लिए स्पष्ट कानूनी प्रावधान बनाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि यदि सरकार इस आरक्षण व्यवस्था के संरक्षण के लिए ठोस कानून नहीं बनाती है, तो आगामी चुनावों में ऐसी सरकार को वोट नहीं दिया जाएगा।

महासम्मेलन में प्रतिभागियों ने एकजुट होकर कहा कि SCP के अंतर्गत स्थापित मेडिकल कॉलेजों में विशेष आरक्षण व्यवस्था को समाप्त या कमजोर किए जाने की स्थिति में उसके संरक्षण के लिए प्रभावी कानूनी कदम उठाना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित समाज के शैक्षिक अधिकारों से जुड़े इस मुद्दे पर अब चुप्पी स्वीकार नहीं की जाएगी।

SCP बचाओ अभियान के अनुसार, कन्नौज, जालौन, सहारनपुर और अंबेडकर नगर में स्थापित चार मेडिकल कॉलेजों का विशेष महत्व है। इन संस्थानों की स्थापना से जुड़े विशेष प्रावधानों का उद्देश्य अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और उनके शैक्षिक उत्थान को बढ़ावा देना रहा है।

महासम्मेलन में उपस्थित लोगों ने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों में विशेष आरक्षण व्यवस्था की रक्षा के लिए केवल अस्थायी प्रशासनिक निर्णय पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए स्पष्ट और प्रभावी कानूनी प्रावधान जरूरी हैं, ताकि भविष्य में इस व्यवस्था को मनमाने ढंग से समाप्त या कमजोर नहीं किया जा सके।

महासम्मेलन में लिए गए सामूहिक संकल्प ने इस मुद्दे को मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश तक सीमित न रखते हुए सामाजिक न्याय और राजनीतिक जवाबदेही से भी जोड़ दिया। प्रतिभागियों ने कहा कि यदि सरकार SCP मेडिकल कॉलेजों में विशेष आरक्षण की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाती है, तो आगामी चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए वे इस मुद्दे पर सरकार की जवाबदेही तय करेंगे।

इस संकल्प के जरिए यह संदेश दिया गया कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के शैक्षिक अधिकारों और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों की अनदेखी राजनीतिक जवाबदेही का विषय बनेगी। प्रतिभागियों ने विशेष आरक्षण व्यवस्था के संरक्षण को वंचित विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक अवसरों और समान प्रतिनिधित्व से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।

ABAJKA के महासम्मेलन में मिले समर्थन को SCP बचाओ अभियान ने सामाजिक न्याय की लड़ाई के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। अभियान से जुड़े लोगों के अनुसार, SCP मेडिकल कॉलेजों में विशेष आरक्षण की सुरक्षा केवल कुछ मेडिकल विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन सामाजिक वर्गों के शैक्षिक अवसरों और प्रतिनिधित्व से भी जुड़ी है, जिन्हें आगे बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष योजनाएं बनाई गई थीं।

महासम्मेलन में सरकार से इस विषय पर स्पष्ट रुख अपनाने, विशेष आरक्षण व्यवस्था की कानूनी स्थिति सुरक्षित करने और कन्नौज, जालौन, सहारनपुर तथा अंबेडकर नगर स्थित चारों मेडिकल कॉलेजों के लिए आवश्यक विधायी प्रावधान सुनिश्चित करने की मांग की गई। SCP बचाओ अभियान ने विशेष आरक्षण की सुरक्षा, सामाजिक न्याय की गारंटी और वंचित विद्यार्थियों के शैक्षिक अधिकारों के संरक्षण को अपनी प्रमुख मांग बताया।

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