साहिबाबाद रावण पुतला विस्फोट: सफदरजंग अस्पताल में तीसरे घायल की मौत, रमपुरा में मातम
साहिबाबाद रामलीला मैदान में पुतला बनाते समय हुए विस्फोट में घायल एक और कारीगर ने सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ा।
साहिबाबाद के लाजपत नगर रामलीला मैदान में 5 अक्टूबर को रावण का पुतला बनाते समय हुए विस्फोट में गंभीर रूप से झुलसे 42 वर्षीय कारीगर महेंद्र की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई, जिससे इस हादसे में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर तीन हो गई है।
उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद में रामलीला के लिए रावण का पुतला बनाने के दौरान हुए भीषण विस्फोट में गंभीर रूप से झुलसे एक और व्यक्ति की मौत हो गई। हापुड़ जनपद के पिलखुवा क्षेत्र के रमपुरा निवासी 42 वर्षीय महेंद्र ने शनिवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वह पिछले छह दिनों से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे। उनकी मौत के साथ ही इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। एक ही गांव के तीन लोगों की मौत से रमपुरा और आसपास के इलाके में शोक की लहर है।
यह दुर्घटना सोमवार, 5 अक्टूबर को साहिबाबाद के लाजपत नगर स्थित रामलीला मैदान के सामुदायिक भवन में हुई थी। यहां आगामी उत्सव के लिए रावण का पुतला तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि सामुदायिक भवन की दीवारें तक क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे में हापुड़ के पिलखुवा स्थित रमपुरा गांव के पुतला निर्माता और कारीगरों समेत कुल पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
विस्फोट के अगले ही दिन, 6 अक्टूबर को पुतला निर्माता अनिल कुमार की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना से गांव के लोग उबर भी नहीं पाए थे कि 9 अक्टूबर को अनिल कुमार के बड़े बेटे ऋषभ ने भी दम तोड़ दिया। इसके बाद शनिवार को कारीगर महेंद्र की मौत ने इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या तीन कर दी।
साहिबाबाद में रावण का पुतला बनाते समय हुए विस्फोट ने रमपुरा गांव के कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक ही हादसे में पुतला निर्माता अनिल कुमार, उनके बड़े बेटे ऋषभ और कारीगर महेंद्र की मौत से पूरे इलाके में मातम पसरा है।