हापुड़ के सरस्वती कॉलेज ऑफ नर्सिंग में 11वां लैम्प लाइटिंग समारोह, छात्राओं ने ली सेवा की शपथ
हापुड़ के सरस्वती कॉलेज ऑफ नर्सिंग में 11वें लैम्प लाइटिंग एवं शपथ ग्रहण समारोह में नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने रोगियों की देखभाल, गोपनीयता, नैतिकता और सेवा का संकल्प लिया। कार्यक्रम में कर्नल सुजाता और डॉ. राम्या रामचंद्रन सहित प्रमुख अतिथि उपस्थित रहे।
तस्वीर में सरस्वती कॉलेज ऑफ नर्सिंग, हापुड़ के 11वें लैम्प लाइटिंग एवं शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मुख्य अतिथि और गणमान्य लोग दीप प्रज्वलित करते हुए नजर आ रहे हैं।
हापुड़ स्थित सरस्वती कॉलेज ऑफ नर्सिंग में 11वें लैम्प लाइटिंग एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के ऑडिटोरियम में आयोजित इस समारोह में नवप्रवेशित नर्सिंग विद्यार्थियों ने सेवा, करुणा, नैतिकता और उत्कृष्ट रोगी देखभाल को अपने पेशे का आधार बनाने की शपथ ली। कार्यक्रम में नर्सिंग पेशे की जिम्मेदारियों, अनुशासन और मानवीय मूल्यों पर जोर दिया गया।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि एमएच मेरठ की प्रिंसिपल मैट्रन कर्नल सुजाता और सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की वाइस चेयरपर्सन डॉ. राम्या रामचंद्रन ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में सिम्स (SIMS) के मेडिकल सुपरिटेंडेंट ब्रिगेडियर डॉ. विनीत रस्तोगी, वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर डॉ. आरके सहगल, निदेशक प्रशासन रघुवर दत्त और जनरल मैनेजर एन. वर्धराजन सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
समारोह की शुरुआत पारंपरिक गणेश वंदना से हुई। इसके बाद बीएससी नर्सिंग के सातवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने शिव तांडव की प्रस्तुति दी। वहीं, तीसरे सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने एक नाटिका के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों की भूमिका और उनकी जिम्मेदारियों को प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए नर्सिंग पेशे में सेवा और समर्पण के महत्व को रेखांकित किया गया।
इस अवसर पर कॉलेज की प्राचार्या प्रो. जयप्रिया ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने रिपोर्ट के माध्यम से संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों और प्रगति की विस्तृत जानकारी साझा की।
समारोह का प्रमुख हिस्सा पारंपरिक दीप प्रज्वलन और नर्सिंग शपथ ग्रहण रहा। प्राचार्या प्रो. (डॉ.) आर. पिरामीला के नेतृत्व में नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने रोगियों की गोपनीयता बनाए रखने, संवेदनशीलता के साथ उपचार एवं देखभाल करने और नर्सिंग पेशे की नैतिक जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी से पालन करने का संकल्प लिया।
सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की वाइस चेयरपर्सन डॉ. राम्या रामचंद्रन ने अपने संबोधन में कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने चिकित्सकीय कौशल को मजबूत करने और प्रत्येक रोगी के साथ गरिमा, सम्मान तथा सहानुभूति से व्यवहार करने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि कर्नल सुजाता ने नर्सिंग पेशे में अनुशासन, नेतृत्व, व्यावसायिकता और नैतिक जिम्मेदारी को सफलता का आधार बताया। उन्होंने इन मूल्यों के महत्व पर जोर दिया।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रो. अनीता रानी ने समारोह को सफल बनाने के लिए सभी अतिथियों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके बाद सामूहिक राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। इस आयोजन के माध्यम से नवप्रवेशित नर्सिंग विद्यार्थियों ने रोगियों की देखभाल, पेशेवर नैतिकता और मानवीय सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।