UP PET 2026: 35.41 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा, CM योगी ने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा के दौरान सुरक्षा, यातायात और अभ्यर्थियों की आवाजाही को सुगम बनाने के निर्देश दिए हैं।
UP PET 2026 परीक्षा के आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (UP PET) 2026 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। परीक्षा में 35,41,297 अभ्यर्थियों के शामिल होने के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सुरक्षा, यातायात और अभ्यर्थियों की सुविधाओं को लेकर पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा के दौरान केंद्रों पर व्यवस्था बनाए रखने के साथ दूसरे जिलों से आने वाले उम्मीदवारों की आवाजाही सुगम बनाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
UP PET 2026 का आयोजन 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को किया जाएगा। तीन तारीखों में होने वाली इस परीक्षा में 35,41,297 अभ्यर्थी शामिल होंगे। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के परीक्षा देने के कारण प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के साथ परिवहन व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा के मद्देनजर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि परीक्षा देने पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और परीक्षा प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।
अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों के अलावा रेलवे स्टेशनों पर भी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परीक्षा के दिनों में उम्मीदवारों की आवाजाही के दौरान होने वाली संभावित दिक्कतों को देखते हुए सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
दूसरे जिलों से परीक्षा देने आने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए बसों और अन्य परिवहन व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के आवागमन को देखते हुए परिवहन और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की तैयारी की जा रही है, ताकि अभ्यर्थी समय पर अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंच सकें।
UP PET 2026 के लिए 25 और 30 अक्टूबर तथा 1 नवंबर की तारीखें निर्धारित होने के साथ प्रशासन के सामने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और अभ्यर्थियों की सुविधाएं सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के तहत इन व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि 35,41,297 अभ्यर्थियों की भागीदारी वाली परीक्षा सुचारु रूप से आयोजित की जा सके।