हापुड़ के बहादुरगढ़ क्षेत्र में खेत में मिला मगरमच्छ जिसे वन विभाग ने सुरक्षित पकड़ा।

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के बहादुरगढ़ क्षेत्र स्थित शंकराटीला गांव में गंगा नदी के किनारे तोरई के खेत में विशालकाय मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। खेत में मगरमच्छ की मौजूदगी की खबर फैलते ही आसपास के इलाकों में डर और चिंता का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर वापस गंगा नदी में छोड़ दिया।

गंगा किनारे खेती-किसानी करने वाले ग्रामीणों के लिए खेत में मगरमच्छ का दिखाई देना चिंता का विषय बन गया। किसानों और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने बिना देर किए वन विभाग को सूचना दी और मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ने की मांग की।

ग्रामीणों की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम ने पहले स्थिति का जायजा लिया और फिर पूरी सावधानी के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया। खेत में मगरमच्छ की मौजूदगी को देखते हुए कर्मचारियों ने सतर्कता बरती। मगरमच्छ को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित पकड़ना टीम के सामने चुनौती थी। इसके बावजूद वन विभाग के कर्मचारियों ने धैर्य और सूझबूझ के साथ अभियान जारी रखा। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया और उसे गंगा नदी में ले जाकर छोड़ दिया।

वन क्षेत्राधिकारी करण सिंह ने बताया कि गंगा नदी का जलस्तर कम होने के कारण मगरमच्छ भटककर खेत में पहुंच गया था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई की और सफलतापूर्वक उसका रेस्क्यू कर उसे उसके प्राकृतिक आवास गंगा नदी में वापस पहुंचा दिया।

गंगा किनारे खेत में मगरमच्छ मिलने की इस अप्रत्याशित घटना से खेती करने वाले किसानों और मजदूरों में चिंता बढ़ गई थी। हालांकि, वन विभाग की तत्परता और कर्मचारियों की सावधानी से रेस्क्यू अभियान सफल रहा। मगरमच्छ को सुरक्षित नदी में छोड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। इस घटना ने गंगा किनारे बसे गांवों में वन्यजीवों की आवाजाही के बीच ग्रामीणों की सुरक्षा और सतर्कता बरतने की आवश्यकता को फिर से सामने ला दिया है।

Tags: