रायबरेली में त्योहारों से पहले चीनी के दामों में 20 रुपये का उछाल, 65 रुपये किलो पहुंची कीमत
रायबरेली में त्योहारों से पहले चीनी के दामों में अचानक करीब 20 रुपये प्रति किलो का उछाल आया है। 48 रुपये किलो बिकने वाली चीनी अब 65 रुपये तक पहुंच गई है। जानिए कीमत बढ़ने की वजह और इसका असर।
तस्वीर में जूट के थैले में भरी हुई चीनी और लकड़ी की एक छोटी चम्मच नजर आ रही है, जिसके पास में ही सफेद चीनी का ढेर रखा हुआ है।
रायबरेली। सावन के पावन महीने के साथ ही रक्षाबंधन, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और गणेशोत्सव जैसे प्रमुख त्योहारों की आहट शुरू हो चुकी है। बाजारों में मिठाइयों और पकवानों की तैयारी के बीच चीनी की कीमतों में अचानक आई तेजी ने आम जनता के घर की मिठास फीकी कर दी है। बीते मात्र 15 से 20 दिनों के भीतर चीनी के दामों में करीब 20 रुपये प्रति किलो का उछाल दर्ज किया गया है।
हाल ही में जो चीनी बाजारों में 48 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, अब फुटकर दुकानों पर उसकी कीमत बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। त्योहारों के मुहाने पर हुई इस बढ़ोतरी से मध्यम वर्ग और गरीब तबके का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।
स्थानीय कारोबारियों और व्यापारियों के अनुसार, चीनी के दामों में अचानक आई इस तेजी के पीछे एथेनॉल (पेट्रोल मिश्रण) के उत्पादन को एक प्रमुख वजह माना जा रहा है। शहर के एक फुटकर किराना व्यापारी ने बताया कि चीनी के दाम जिस तेजी से बढ़े हैं, उससे मुनाफा तो दूर, दुकानदारी चलाना मुश्किल हो गया है। रोज माल महंगा मिल रहा है, जिससे ग्राहक भी नाराज हो रहे हैं।
त्योहारी सीजन में चाय से लेकर घर की मिठाइयों तक चीनी की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी से लोग अपनी जरूरतें सीमित करने को मजबूर हैं। बाजार पहुंची एक महिला ग्राहक ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यम वर्ग किसी तरह खर्च में कटौती करके स्थिति संभाल लेगा, लेकिन गरीब परिवारों के लिए यह दोहरी मार की तरह है।
व्यापारियों का मानना है कि यदि जल्द ही कीमतों पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो आने वाले समय में बाजार में चीनी से बने अन्य खाद्य पदार्थों और मिठाइयों के दाम बढ़ना भी तय है। त्योहारों से ठीक पहले चीनी की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी आम परिवारों के रसोई बजट पर सीधा असर डाल रही है।