तस्वीर में मारहरा, एटा के सनशाइन स्कूल में समाजसेवी मानवेन्द्र सिंह चौहान बच्चों के दाखिले से जुड़े दस्तावेज पर हस्ताक्षर करते और बच्चों के साथ नजर आ रहे हैं।

एटा के मारहरा क्षेत्र में समाजसेवी मानवेन्द्र सिंह चौहान ‘मनु हितैषी’ के प्रयास से पिता का साया खो चुके दो बच्चों के लिए शिक्षा का रास्ता खुल गया। आर्थिक तंगी के कारण दोनों बच्चों की पढ़ाई रुकने की स्थिति में थी, लेकिन अब उनका सनशाइन स्कूल, गिरोरा (मारहरा, एटा) में दाखिला कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, पिता के निधन के बाद दोनों बच्चों का परिवार आर्थिक कठिनाइयों और संघर्ष के दौर से गुजर रहा था। सीमित संसाधनों के चलते बच्चों की पढ़ाई जारी रखना परिवार के लिए मुश्किल हो गया था। इसकी जानकारी जब समाजसेवी मानवेन्द्र सिंह चौहान ‘मनु हितैषी’ को हुई तो उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाने का निर्णय लिया और दोनों का सनशाइन स्कूल में एडमिशन सुनिश्चित कराया।

इस अवसर पर समाजसेवी मानवेन्द्र सिंह चौहान ‘मनु हितैषी’ ने कहा, “पिता की कमी को कोई पूरा नहीं कर सकता, लेकिन शिक्षा इन बच्चों को आत्मनिर्भर बनाएगी और समाज में सिर उठाकर जीने का हौसला देगी। हमारा प्रयास है कि क्षेत्र का कोई भी बच्चा संसाधनों या अभिभावक के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे।”

मनु हितैषी की इस पहल की सनशाइन स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने सराहना की। लोगों ने कहा कि जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए किए जा रहे ऐसे निस्वार्थ प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ अन्य लोगों को भी सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।

18 अगस्त 2026 को सामने आई यह पहल दो पिताविहीन बच्चों के भविष्य को शिक्षा से जोड़ने के साथ समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने वाली मिसाल बनकर सामने आई है।

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