उत्तर प्रदेश: आगामी त्योहारों को लेकर पुलिस ने कसी कमर, डीआईजी ने दिए सतर्कता के निर्देश
गोंडा में आगामी त्योहारों और सावन माह को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की तैयारी शुरू कर दी है। डीआईजी अशोक कुमार शुक्ला ने अपराध नियंत्रण, गश्त, चेकिंग, भीड़ प्रबंधन और सोशल मीडिया निगरानी के निर्देश दिए।
तस्वीर में पुलिस लाइन सभागार गोंडा में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारी नजर आ रहे हैं।
गोंडा में आगामी त्योहारों और सावन माह के मद्देनजर कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में समीक्षा एवं समन्वय गोष्ठी आयोजित की गई। देवीपाटन परिक्षेत्र के डीआईजी अशोक कुमार शुक्ला ने पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल के साथ जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। डीआईजी ने अधिकारियों को अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी निगरानी रखने, नियमित पैदल एवं रात्रि गश्त करने तथा संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती पर भी जोर दिया गया।
धार्मिक कार्यक्रमों, जुलूसों और शोभायात्राओं को लेकर आयोजकों से समन्वय स्थापित करने तथा निर्धारित मार्ग और व्यवस्थाओं का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। सोशल मीडिया पर अफवाह और भ्रामक सूचनाओं की निगरानी करने को भी कहा गया। इसके साथ ही लंबित विवेचनाओं, गंभीर अपराधों तथा वांछित एवं वारंटी अभियुक्तों की स्थिति की समीक्षा की गई।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमणशील रहकर कानून-व्यवस्था पर नजर रखने के निर्देश दिए। बाजारों, धार्मिक स्थलों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नियमित गश्त एवं चेकिंग बढ़ाने को कहा गया। त्योहारों के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए यातायात पुलिस और थाना पुलिस को संयुक्त रूप से प्रभावी प्रबंधन करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अवैध शराब, मादक पदार्थों और अवैध शस्त्रों के खिलाफ अभियान तेज करने, सक्रिय अपराधियों पर निरोधात्मक कार्रवाई करने तथा बीट पुलिसिंग और मुखबिर तंत्र को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के साथ महिला बीट अधिकारियों को महिलाओं और बालिकाओं से नियमित संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि त्योहारों के दौरान पुलिस की मौजूदगी और सक्रियता स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए। साथ ही किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होने देने के लिए पूरी सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया।