तस्वीर में एटा के विकास भवन स्थित शताक्षी सभागार में आयोजित अंतरविभागीय बैठक के दौरान अधिकारी नजर आ रहे हैं।

जनपद एटा को टीबी मुक्त बनाने के प्रयासों के साथ अब एचआईवी-एड्स के नियंत्रण के लिए भी विशेष अभियान चलाया जाएगा। अगले दो माह तक जिले में विशेष एचआईवी-एड्स सघन जागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान के सफल क्रियान्वयन को लेकर मुख्य विकास अधिकारी, एटा श्री राजेन्द्र प्रसाद मिश्र ने विकास भवन स्थित शताक्षी सभागार में अंतरविभागीय बैठक आयोजित की।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के साथ पंचायत, विकास, शिक्षा, आईसीडीएस, युवा कल्याण विभाग और जिला सूचना अधिकारी, एटा के कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी श्री राजेन्द्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि जनपद एटा को टीबी मुक्त कराने के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम पहले से आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि टीबी के साथ-साथ एचआईवी-एड्स के संबंध में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि आगामी दो माह के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर टीबी एवं एचआईवी के प्रचार-प्रसार से जुड़ी गतिविधियां जनपद स्तर के साथ-साथ तहसील, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर भी आयोजित कराई जाएं। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के समन्वय से जनपद एटा को टीबी मुक्त करने के साथ एचआईवी-एड्स जैसी बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एटा डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि जनपद कारागार, एटा, वृद्धाश्रम एवं अन्य चिन्हित स्थानों पर कार्ययोजना के तहत विशेष शिविर आयोजित कर प्रचार-प्रसार और जांच का कार्य कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि एचआईवी-एड्स के संबंध में चिन्हित ग्रामों में अगस्त 2026 के दौरान विभिन्न जांच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में लोगों को परामर्श के साथ एचआईवी-एड्स एवं टीबी की जांच की सुविधा उनके घर के नजदीक ही उपलब्ध कराई जा रही है।

जिला क्षय रोग अधिकारी/जिला कार्यक्रम अधिकारी, एड्स, एटा डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि अभियान की शुरुआत 22 अगस्त 2026 से जनपद कारागार, एटा में की जाएगी। यहां सभी बंदियों की टीबी एवं एचआईवी की स्क्रीनिंग और जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही जनपद कारागार में सभी बंदियों का छाती का एक्स-रे भी कराया जाएगा। इसके लिए टीम गठित कर दी गई है।

बैठक में श्री राजेंद्र प्रसाद मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी, एटा, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एटा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एटा डॉ. सुधीर मोहन, जिला क्षय रोग अधिकारी/जिला कार्यक्रम अधिकारी, एटा डॉ. पवन शर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, श्री दिलीप शर्मा, श्री आशीष पाराशर (जिला पी.पी.एम. समन्वयक), श्री अरविन्द सिंह चौहान, श्रीमती पूनम यादव, दिशा टीम से दीप्ति, दीपक शर्मा, जितेन्द्र कुमार, कंचन राजपूत, सुविक्षा जैन, हेमंत कुमार वर्मा, टीबी विभाग के समस्त कर्मचारियों के साथ-साथ अन्य विभागों के कर्मचारी एवं स्वयंसेवी संस्थाओं ने प्रतिभाग किया।

एटा में टीबी उन्मूलन के साथ एचआईवी-एड्स नियंत्रण के लिए आगामी दो माह तक विभागीय समन्वय से जागरूकता, परामर्श और जांच गतिविधियां संचालित की जाएंगी। अभियान की पहली प्रमुख गतिविधि 22 अगस्त 2026 को जनपद कारागार, एटा में शुरू होगी।

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