पीलीभीत के गांधी सभागार में आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई।   

पीलीभीत में दुर्गा पूजा, दशहरा और वाल्मीकि जयंती के आयोजनों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने गांधी सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर त्योहारों के दौरान सुरक्षा, बिजली आपूर्ति, सड़कों की व्यवस्था और विसर्जन स्थलों पर जरूरी इंतजाम समय से पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने विसर्जन स्थलों पर बैरिकेडिंग कराने और जरूरत के अनुसार नाव तथा गोताखोरों की व्यवस्था समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिले के सभी उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और क्षेत्राधिकारी (सीओ) शामिल हुए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों से उनके क्षेत्रों में होने वाले धार्मिक आयोजनों, मेला स्थलों, जुलूस मार्गों और विसर्जन स्थलों की जानकारी जुटाई तथा आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर निर्देश जारी किए।

त्योहारों के दौरान निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विद्युत विभाग को विशेष निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने ढीले बिजली के तारों और खराब विद्युत खंभों को समय रहते ठीक कराने को कहा। इसके साथ ही मेला स्थलों और जुलूस मार्गों की सड़कों को दुरुस्त कराने के निर्देश भी दिए, ताकि आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना न करना पड़े।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को बताया कि दुर्गा पूजा के अवसर पर जिले में कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, मेले और रावण वध के आयोजन होते हैं। इन कार्यक्रमों में स्थानीय लोगों के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा।

उन्होंने आशंका जताई कि भीड़ का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा कर सकते हैं। इसे देखते हुए सभी थानों की पुलिस फोर्स और संबंधित अधिकारियों को विशेष निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, विसर्जन स्थलों पर जरूरी संसाधनों की उपलब्धता और बुनियादी सुविधाओं को समय से दुरुस्त करने पर जोर दिया है, ताकि दुर्गा पूजा, दशहरा और वाल्मीकि जयंती के आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराए जा सकें।

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