तस्वीर में दिख रहा है नर्स का सच और तीन हज़ार लेते हुए रंगे हाथों का बैनर।

मुजफ्फरनगर जिला चिकित्सालय में मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर अवैध वसूली करने के मामले में एनएचएम की संविदा स्टाफ नर्स पूजा कौशिक पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। आपातकालीन वार्ड में तैनात नर्स का मरीजों को हायर सेंटर या निजी अस्पताल में रेफर करने के नाम पर रिश्वत मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार तेवतिया ने पूजा कौशिक को निलंबित कर दिया है।

वायरल वीडियो में नर्स को तीमारदारों से मरीज को रेफर करने के लिए तीन हजार रुपये की मांग करते हुए देखा गया। इसके अलावा निजी अस्पताल के डॉक्टर को फोन कर कमीशन के खेल को कोडवर्ड में बयां करने की बात भी सामने आई। वीडियो सामने आने के बाद जिला चिकित्सालय में इस कथित रिश्वतखोरी के मामले ने प्रशासन का ध्यान खींचा।

इससे पहले भी महिला चिकित्सालय में तैनाती के दौरान पूजा कौशिक के खिलाफ इस तरह की शिकायतें आई थीं। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल अटैच किया गया था, लेकिन उनकी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हुआ।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय कुमार की ओर से रिपोर्ट भेजे जाने के बाद सीएमओ डॉ. सुनील कुमार तेवतिया ने प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति में एसीएमओ डॉ. दिव्या वर्मा, डॉ. विपिन कुमार और डॉ. अशोक को शामिल किया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, जांच समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आरोपी नर्स की सेवा समाप्ति का प्रस्ताव शासन और विभागीय उच्च समिति को भेजा जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में इस तरह की अवैध वसूली और भ्रष्टाचार पर रोक लगाना है।

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