हापुड़: छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तिथि 14 सितंबर, प्रशासन ने दिए कड़े निर्देश
पात्र छात्रों को लाभ दिलाने के लिए कलेक्ट्रेट में बैठक, संस्थानों को नए और नवीनीकरण आवेदन समय पर आगे बढ़ाने के आदेश।
हापुड़ कलेक्ट्रेट सभागार में छात्रवृत्ति योजना को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
हापुड़ में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ शत-प्रतिशत पात्र छात्र-छात्राओं तक पहुंचाने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) सुश्री श्रुति शर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में हुई बैठक में शासन द्वारा जारी समय सारिणी के अनुपालन को लेकर शिक्षण संस्थानों को कड़े निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी शिक्षण संस्थानों को निर्देशित किया कि नए आवेदनों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अग्रसारित किया जाए। इसके साथ ही, गत वर्ष छात्रवृत्ति प्राप्त कर चुके छात्र-छात्राओं के आवेदनों का नवीनीकरण (रिन्यूअल) कराते हुए आगामी 14 सितंबर 2026 तक हर हाल में अपने स्तर से अग्रसारित करना सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अनुश्रवण के दौरान जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना ने उन शिक्षण संस्थानों को विशेष रूप से निर्देशित किया, जहां छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या शून्य (०) है। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान आगे आकर छात्रों को प्रेरित करें, ताकि ज्यादा-से-ज्यादा संख्या में विद्यार्थी सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना का लाभ उठा सकें।
छात्रों को आवेदन के दौरान आ रही दिक्कतों के तत्काल समाधान के लिए जिलाधिकारी ने सभी शिक्षण संस्थानों को अपने यहां कंप्यूटर ऑपरेटर की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। आवेदनों में किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या आने पर संस्थान सीधे संबंधित विभागों से संपर्क कर उसका त्वरित समाधान कराएंगे। इसके लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना और सीडीओ सुश्री श्रुति शर्मा के अलावा जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री दिग्विजय सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी श्री कृष्ण मोहन सिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी श्रीमती सुनीता और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) डॉ. श्वेता पूठिया सहित जनपद के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य मौजूद रहे।
प्रशासन के निर्देशों के मुताबिक नए और नवीनीकरण दोनों तरह के छात्रवृत्ति आवेदनों को निर्धारित समय सीमा में अग्रसारित करना शिक्षण संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी, ताकि पात्र छात्र-छात्राओं को योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जा सके।