हापुड़: बदनौली जा रहे कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम को पुलिस ने रोका
पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को रोकने पर नोकझोंक, पार्टी ने 1 करोड़ रुपये मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की।
हापुड़ में सड़क किनारे गाड़ियों के पास मीडिया से बातचीत करते कांग्रेस नेता।
ग्राम बदनौली में पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के लिए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम शुक्रवार को हापुड़ पहुंचे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें गांव जाने से रोक दिया। कांग्रेस नेताओं के काफिले को रोके जाने के बाद पुलिस प्रशासन और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
बुलंदशहर रोड स्थित सोना पेट्रोल पंप पर जिला और शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी राजेंद्र पाल गौतम के साथ ग्राम बदनौली जाने के लिए अपनी-अपनी गाड़ियों के साथ एकत्रित होकर खड़े रहे। राजेंद्र पाल गौतम के हापुड़ पहुंचते ही पुलिस प्रशासन ने उन्हें ग्राम बदनौली जाने से रोक लिया। वह दर्जनों गाड़ियों के काफिले के साथ मृतक दीपक कुमार के पीड़ित परिजनों से मुलाकात करने के लिए गांव जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें जाने की अनुमति नहीं दी।
पुलिस प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार से मुलाकात नहीं करने दिए जाने पर यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने योगी सरकार की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि आखिर क्यों पीड़ित परिवार से कांग्रेस जनों को नहीं मिलने दिया जा रहा है? पीड़ित परिवार से मिलना अब कौन सा गुनाह हो गया? उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता शांतिपूर्वक पीड़ित परिवार से मिलना चाहते हैं, फिर उन्हें जाने से क्यों रोका जा रहा है।
राजेंद्र पाल गौतम ने प्रदेश सरकार से पीड़ित परिवार को न्याय और उचित मुआवजा देने के साथ दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार से मांग करेगी कि पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, परिवार को न्याय और सुरक्षा मिले तथा परिवार के 1 सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
बताया जा रहा है कि यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और यूपी कांग्रेस के सह प्रभारी संजीव आर्य के हापुड़ के बदनौली ग्राम में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचने को लेकर पुलिस प्रशासन कुराना टोल टैक्स पर पूरी तैयारी के साथ तैनात था। यहां कांग्रेस नेताओं और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
वहीं, कुछ कांग्रेसी नेताओं को पुलिस प्रशासन ने उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया। इनमें पूर्व धौलाना विधानसभा प्रत्याशी पंडित अरविंद शर्मा आदि लोग शामिल हैं।
इस दौरान सहारनपुर सांसद इमरान मसूद, यूपी कांग्रेस के सह प्रभारी संजीव आर्या, पूर्व विधायक गजराज सिंह, पूर्व अमरोहा लोकसभा प्रत्याशी सचिन चौधरी, पूर्व धौलाना विधानसभा प्रत्याशी पंडित अरविंद शर्मा, पूर्व शहर अध्यक्ष दिनेश चंद शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष मिथुन त्यागी, शहर अध्यक्ष हापुड़ इरफान अहमद, नगर अध्यक्ष पिलखुआ रजनीश त्यागी, डॉक्टर वीसी शर्मा, रामप्रसाद जाटव, सीमा शर्मा, वाई के शर्मा, आई सी शर्मा, सुशील शास्त्री, चौधरी मुरसलीन, लाल बहादुर, पदम सिंह साहनी, सेंसरपाल सिंह, पूरनमल आनंद, अरुण चौधरी, गौरव गर्ग, रश्मि चौधरी, सोनू अब्बासी, क़ादिर अली, पवन कौशिक, मोहम्मद परवेज, एड. फुरकान, एड. गुलफाम सैफी, सौरभ शर्मा, देवेंद्र कुमार, वसीम अकरम, विनोद कुमार, सचिन कुमार, मनोज कौशिक, दीपक मोघे, निसार पठान, कुसुम लता, रईस अन्नू, संदीप कुमार, मोहम्मद नफीस, अनस, संदीप कुमार, बॉबी त्यागी, सुधीर शर्मा, सौरभ शर्मा, सुशील शर्मा, आदेश शर्मा, रामलाल आर्य, डॉक्टर फराहीम, जयपाल सिंह, आमिर मलिक, डालचंद सिंह, कपिल शर्मा, गोपाल भारती, महबूब अली आदि लोग मौजूद रहे।