तस्वीर में खुर्जा में डोला यात्रा के अवसर पर विधायक मीनाक्षी सिंह और अन्य लोग मौजूद हैं।   

खुर्जा में परिवर्तनी एकादशी के अवसर पर खटीक पाड़ा स्थित श्री धनी गिरी मंदिर से भगवान श्री नारायण का डोला धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाला गया। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। डोला यात्रा के दौरान पूरा मार्ग भगवान के जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भगवान श्री नारायण का स्वागत किया, जबकि विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और समाजसेवियों की ओर से जल, प्रसाद सहित अन्य सेवा शिविर लगाए गए।

डोला यात्रा शुरू होने से पहले श्री धनी गिरी मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान किए गए। इसके बाद खुर्जा विधायक श्रीमती मीनाक्षी सिंह ने नारियल फोड़कर मेले का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में खुर्जा समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया के जिला अध्यक्ष डीसी गुप्ता कांटे वाले समेत अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

शोभायात्रा के मार्ग में श्रद्धालुओं ने भगवान श्री गणेश, भगवान श्रीराम, श्री बांके बिहारी लाल तथा वामन भगवान के दर्शन किए। जगह-जगह बनाए गए आकर्षक तोरण द्वारों के बीच श्रद्धालुओं ने डोले पर पुष्पवर्षा की। धार्मिक झांकियां भी शोभायात्रा में आकर्षण का केंद्र रहीं। भगवान श्री गणेश, श्रीराम और श्री बांके बिहारी जी की मनोहारी झांकियों के साथ नारद जी की झांकी ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

ढोल-नगाड़ों और कीर्तन मंडलियों की प्रस्तुतियों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु लगातार “जय श्रीराम”, “श्री बांके बिहारी लाल की जय” और “वामन भगवान की जय” के जयकारे लगाते रहे। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविरों की व्यवस्था भी की गई।

मीडिया प्रभारी डीसी गुप्ता कांटे वाले ने बताया कि श्री रामलीला कमेटी खुर्जा की ओर से रामलीला मंचन से पहले भगवान श्रीराम के आगमन से संबंधित पुरानी धार्मिक परंपरा के तहत यह आयोजन किया जाता है। परिवर्तनी एकादशी पर भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इसी धार्मिक परंपरा के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष श्री धनी गिरी मंदिर से भगवान श्री नारायण का डोला निकाला जाता है।

विकास वर्मा ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पृथ्वी ने रावण के अत्याचारों से व्यथित होकर भगवान श्री नारायण से प्रार्थना की थी। मान्यता है कि भगवान ने उन्हें आश्वासन दिया था कि वे महाराजा दशरथ के घर श्रीराम के रूप में अवतार लेकर अधर्म का नाश करेंगे। इसी मान्यता के कारण इस आयोजन को भगवान श्रीराम के आगमन उत्सव से जोड़कर देखा जाता है।

श्री धनी गिरी मंदिर धर्मार्थ ट्रस्ट खुर्जा के अध्यक्ष पंडित कैलाश चंद्र शर्मा ने कहा कि धार्मिक आस्था के साथ भगवान का स्मरण एवं पूजन करने से सकारात्मक भाव उत्पन्न होते हैं। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्री नारायण के डोले की चार परिक्रमा करने से संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है।

इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान श्री नारायण के डोले की परिक्रमा की। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि एवं मंगल की कामना की।

आयोजन में पंडित कैलाश चंद्र शर्मा, प्रमोद भारद्वाज ‘गुरुजी’, हितेंद्र कुमार वर्मा, विशाल पोद्दार, शेखर वर्मा, आशीष गुप्ता, मनीष गुप्ता, यश गुप्ता, सरिता गुप्ता, ममता अग्रवाल, विशेष गर्ग, हैप्पी वर्मा, बंटी वर्मा, सोनू वर्मा, डीसी गुप्ता कांटे वाले, विकास वर्मा, विकास सोनी, चिराग वर्मा, विवेक गुप्ता, नरेश कुमार गोस्वामी, अभिषेक गोस्वामी, हरीश गुप्ता न्यू अंबे, आशीष गोयल, मनोज अग्रवाल, ऋषभ पंडित, पवन गुप्ता, शिवम गुप्ता, खजान बाबा सहित अन्य श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का विशेष योगदान रहा।

परिवर्तनी एकादशी पर आयोजित यह डोला यात्रा वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा के निर्वहन के साथ श्रद्धालुओं की आस्था और सहभागिता का प्रमुख आयोजन रही। रिपोर्ट : अनूप शर्मा, खुर्जाa

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