तस्वीर में चंदौली कलेक्ट्रेट सभागार का हॉल दिखाई दे रहा है, जहां बैठक आयोजित की जा रही है।   

चंदौली, 22 सितंबर। किसानों की आय बढ़ाने और उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में एकीकृत बागवानी विकास मिशन, मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप मोर क्रॉप) और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में अधिकारियों ने पिछले वित्तीय वर्ष में कराए गए कार्यों और वित्तीय प्रगति की जानकारी जिलाधिकारी को दी। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों को मंजूरी दी गई।

जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा देने के साथ निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने मखाना विकास और उत्तर प्रदेश राज्य औद्यानिकी निर्यात प्रोत्साहन योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया।

आलू किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से राहत दिलाने के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने किसानों को इस योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

PMFME योजना की समीक्षा के दौरान खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी इकाइयों के लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने और पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ देने को कहा गया। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला उद्यान अधिकारी शैलेन्द्र दुबे, उप निदेशक कृषि भीमसेन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों, सिंचाई तकनीकों, मखाना विकास, औद्यानिकी निर्यात और खाद्य प्रसंस्करण योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर विभागीय दिशा-निर्देश तय किए गए।

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