तस्वीर में हापुड़ जिलाधिकारी कविता मीना अपने कार्यालय में बैठी हुई दिखाई दे रही हैं।

हापुड़ (उत्तर प्रदेश)। गणेश उत्सव के समापन पर प्रतिमा विसर्जन को लेकर हापुड़ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पर्यावरण सुरक्षा और नदियों को स्वच्छ रखने के संकल्प के तहत जिला मजिस्ट्रेट (DM) कविता मीना ने स्पष्ट किया है कि पवित्र गंगा नदी में किसी भी प्रकार का मूर्ति विसर्जन पूरी तरह वर्जित रहेगा। नियमों का उल्लंघन रोकने के लिए पुलिस और प्रशासनिक टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।

जिला मजिस्ट्रेट कविता मीना ने जनता से गणेश चतुर्थी का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाने के साथ जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गणेश चतुर्थी का उत्सव खूब हर्षोल्लास के साथ मनाएं, लेकिन विसर्जन के लिए तय नियम का जरूर पालन करें। मूर्ति विसर्जन के लिए जो जगह निर्धारित की गई हैं, वहीं पर मूर्ति विसर्जन करें। गंगा जी में किसी भी प्रकार का विसर्जन निषेध है।

हापुड़ प्रशासन समाचार पत्रों और स्थानीय माध्यमों के जरिए लगातार उन जगहों की सूची जारी कर रहा है, जिन्हें विसर्जन के लिए निर्धारित किया गया है। शासन और पुलिस की संयुक्त टीमें घाटों की ओर जाने वाले रास्तों पर मुस्तैदी से चेकिंग कर रही हैं।

यदि कोई श्रद्धालु अनजाने में गंगा जी की तरफ विसर्जन के लिए आ रहा है, तो पुलिस उन्हें समझाकर वापस भेज रही है और उन्हें तय विसर्जन स्थलों का रास्ता बता रही है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि गंगा नदी में किसी भी प्रकार की मूर्ति का विसर्जन पूरी तरह निषेध (बैन) है।

मूर्ति विसर्जन केवल प्रशासन द्वारा तय और कृत्रिम तालाबों/स्थानों पर ही किया जा सकेगा। घाटों पर सुरक्षा और निगरानी के लिए विशेष पुलिस बल तैनात किया गया है। ऐसे में गणेश उत्सव के समापन पर श्रद्धालुओं से निर्धारित विसर्जन स्थलों पर ही प्रतिमा विसर्जित करने और गंगा नदी में विसर्जन से पूरी तरह परहेज करने की अपील की गई है।

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