हापुड़: आगामी त्योहारों से पहले मिलावटी खाद्य पदार्थों पर सख्त एक्शन के निर्देश
जिलाधिकारी कविता मीना ने कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक कर दूध, पनीर, खोया और दवाइयों के सैंपल जांच के आदेश दिए हैं।
हापुड़ कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों और सदस्यों की बैठक की अध्यक्षता करतीं जिलाधिकारी।
हापुड़ (उत्तर प्रदेश)। आगामी त्योहारों को देखते हुए जनपद में मिलावटी खाद्य पदार्थों और नकली औषधियों की बिक्री व निर्माण पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना की अध्यक्षता में जिलास्तरीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ ही आमजन को जागरूक करने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा विभाग को त्योहारों के मद्देनजर बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए खाद्य पदार्थों के नमूना संग्रहण की कार्रवाई में तेजी लाई जाएगी। दूध, पनीर और खोया सहित डेयरी उत्पादों के नमूने लिए जाएंगे। दुकानों और रेस्टोरेंट में भी जांच की जाएगी तथा रेस्टोरेंट के किचन की विशेष जांच के साथ वहां साफ-सफाई के रखरखाव पर भी ध्यान दिया जाएगा।
इसके अलावा ऑर्गेनिक के नाम पर बिकने वाले उत्पादों, अंडे और खाद्य तेल की भी जांच की जाएगी। नकली औषधियों और कॉस्मेटिक सामग्री पर विशेष सतर्कता बरतते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में प्रवर्तन कार्रवाई के साथ व्यापारियों और बच्चों को जागरूक करने की रणनीति पर भी जोर दिया गया। खाद्य कारोबारकर्ताओं को खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 के नियमों की सही जानकारी देने के लिए जागरूकता कैंप आयोजित किए जाएंगे। वहीं, स्कूली बच्चों को स्वास्थ्य, पोषण और खाद्य पदार्थों की शुद्धता की पहचान करने के बारे में जागरूक किया जाएगा।
जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना ने स्पष्ट किया कि जो भी खाद्य कारोबारी खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 के अनुरूप अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं रखेंगे, उनके खिलाफ कठोर कानूनी और प्रवर्तन कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। त्योहारों से पहले जांच और जागरूकता अभियान के जरिए मिलावटी खाद्य पदार्थों तथा नकली औषधियों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी, औषधि निरीक्षक (Drug Inspector), बाट-माप निरीक्षक, डिप्टी कमिश्नर राज्य कर, जिला आबकारी अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, अधिशासी अधिकारी (EO) हापुड़, व्यापार संघ के पदाधिकारी और समिति के अन्य सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।