तस्वीर में लाल टोपी पहने सपा नेता सड़क पर पुलिस अधिकारी से बात करते दिख रहे हैं।

हापुड़ के नगर कोतवाली क्षेत्र के गांव बदनौली में युवक दीपक की मौत के बाद सियासी और सामाजिक माहौल गरमाया हुआ है। शुक्रवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात करने जा रहे समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया। इस दौरान पुलिस और सपा नेताओं के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक और गहमागहमी हुई।

समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष एडवोकेट आनंद गुर्जर के नेतृत्व में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल मृतक दीपक के अंतिम संस्कार के बाद पीड़ित परिवार से मिलने और शोक संवेदना व्यक्त करने उनके गांव जा रहा था। जैसे ही सपा नेता और उनके सहयोगी गांव के संपर्क मार्ग के पास पहुंचे, भारी पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।

पुलिस प्रशासन ने गांव में कानून व्यवस्था बनाए रखने और पीड़ित परिवार की सुरक्षा का हवाला देते हुए सपा नेताओं को आगे जाने की अनुमति नहीं दी। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद सपा कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। सड़क पर काफी देर तक गहमागहमी और तनाव का माहौल बना रहा।

पुलिस की कार्रवाई पर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। सपा नेताओं का कहना है कि वे किसी राजनीतिक कार्यक्रम या रैली के लिए नहीं जा रहे थे, बल्कि उनका मकसद केवल पीड़ित परिवार का हाल जानना और दुख की इस घड़ी में उनके प्रति अपनी शोक संवेदना व्यक्त करना था।

सपा नेताओं के विरोध और पुलिस की कड़ाई के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। युवक दीपक की मौत के बाद पीड़ित परिवार से मिलने को लेकर सामने आया यह घटनाक्रम अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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