हापुड़ में सरकारी बैंकों की हड़ताल, 5-Day Banking की मांग
5-Day Banking और PLI में पारदर्शिता की मांग को लेकर UFBU के आह्वान पर हुई हड़ताल से करोड़ों का लेन-देन ठप रहा, ग्राहकों को भारी परेशानी हुई।
तस्वीर में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले हापुड़ में नारेबाजी करते बैंक कर्मचारी।
हापुड़ (उत्तर प्रदेश)। हापुड़ यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को हापुड़ जिले में सरकारी बैंकों में पूर्ण हड़ताल रही। हड़ताल के चलते जिले में करोड़ों रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ। बैंक कर्मचारी सप्ताह में 5 दिन बैंकिंग (5-Day Banking) लागू करने और पीएलआई (PLI) में पारदर्शिता समेत अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे।
हड़ताल के दौरान हापुड़ के गढ़ रोड स्थित यूनियन बैंक की शाखा पर बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी और अधिकारी एकत्रित हुए। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रबंधन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
हड़ताल के कारण बैंकों के मुख्य द्वारों पर ताले लटके रहे और हड़ताल का नोटिस चस्पा रहा। सुबह बैंक पहुंचने वाले ग्राहकों को कैश जमा करने, निकासी, चेक क्लियरिंग और लोन से जुड़े काम नहीं हो सके। दूर-दराज के क्षेत्रों से बैंकिंग कार्य के लिए पहुंचे ग्राहक भी बैंकों के बाहर से निराश होकर लौटे और दिनभर परेशानी का सामना करते रहे।
संगठन के को-ऑर्डिनेटर आर.के. माहेश्वरी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी न्यायसंगत मांगें उठा रहे हैं, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और बैंक प्रबंधन ने मांगें जल्द पूरी नहीं कीं तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
आर.के. माहेश्वरी ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर बैंक कर्मचारी आगामी 28, 29 और 30 सितंबर को भी तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल पर जाएंगे।
हड़ताल से जिले के व्यापारिक संगठनों और आम जनता को भारी वित्तीय असुविधा का सामना करना पड़ा। आगामी दिनों में दोबारा हड़ताल होने पर बैंकिंग सेवाओं से जुड़े कामकाज और वित्तीय गतिविधियों पर इसका असर और बढ़ने की संभावना है।