तस्वीर में धौलाना के तकिया मोहल्ले में स्थित अवैध स्कूल के बाहर जांच पड़ताल करते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारी, पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग नजर आ रहे हैं।

हापुड़ जिले के धौलाना क्षेत्र के तकिया मोहल्ले में सरकारी जमीन पर बिना मान्यता के स्कूल संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। जिलाधिकारी को मिली शिकायत के बाद सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी (ABSA) पंकज चतुर्वेदी ने टीम के साथ स्कूल पर छापेमारी की। जांच के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल को तत्काल बंद करा दिया।

मौके पर पहुंचने पर स्कूल में कक्षाएं संचालित मिलीं। छापेमारी के दौरान स्कूल संचालक मौके पर मौजूद नहीं था। अधिकारियों ने वहां मौजूद स्टाफ से स्कूल की मान्यता और संचालन से संबंधित जरूरी दस्तावेज मांगे, लेकिन स्टाफ एक भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

जांच में सामने आया कि स्कूल की इमारत निजी जमीन पर नहीं, बल्कि सरकारी जमीन पर बनी हुई थी। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार, जिस खसरा संख्या पर स्कूल की इमारत खड़ी थी, वह सरकारी जमीन के रूप में दर्ज है। आरोप है कि भू-माफियाओं और अवैध स्कूल संचालकों ने सरकारी संपत्ति पर कब्जा कर वहां स्कूल का संचालन शुरू किया था।

कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने स्कूल में पढ़ रहे बच्चों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की। विभाग ने इन रिकॉर्डिंग को अवैध संचालन के साक्ष्य के तौर पर कोर्ट और उच्च अधिकारियों के सामने प्रस्तुत करने के लिए जुटाया। स्कूल बंद कराने के बाद मुख्य गेट पर लीगल नोटिस भी चस्पा कर दिया गया।

धौलाना थाना पुलिस की मौजूदगी में लिखित कार्रवाई की गई। शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी कि परिसर में दोबारा बिना मान्यता के स्कूल खोलने या बच्चों को बैठाने का प्रयास किया गया तो संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की जाएगी।

स्थानीय पुलिस अब पूरे मामले में संलिप्त आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। सरकारी जमीन पर स्कूल संचालन और मान्यता से जुड़े दस्तावेज नहीं मिलने के बाद हुई यह कार्रवाई मामले की आगे की जांच के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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