हापुड़: दीपक जाटव हत्याकांड के बाद पहुंचे सपा सांसद रामजीलाल सुमन को पुलिस ने रोका
बदनोली में हुई खूनी झड़प के बाद परिजनों से मिलने जा रहे सपा सांसद की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद सड़क पर ही मुलाकात कराई गई।
हापुड़ में सड़क पर पुलिस अधिकारियों से बातचीत करते सपा सांसद रामजीलाल सुमन।
हापुड़ (उत्तर प्रदेश)। बदनोली निवासी दीपक जाटव हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी (सपा) के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। दो जातीय समूहों के बीच हुए खूनी संघर्ष में दीपक जाटव की मौत के बाद इलाके में राजनीतिक हलचल तेज है। सांसद को रोके जाने के बाद मोदीनगर रोड पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया और करीब 30 मिनट तक पुलिस अधिकारियों तथा सांसद के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
दीपक जाटव हत्याकांड के बाद जैसे ही पुलिस प्रशासन को इनपुट मिला कि सपा सांसद रामजीलाल सुमन पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने हापुड़ पहुंच रहे हैं, मोदीनगर रोड पर तगड़ी घेराबंदी कर दी गई। सपा सांसद को रोकने के लिए 3 थाना प्रभारियों (SO/SHO) समेत 70 से अधिक पुलिसकर्मियों और भारी पुलिस बल को तैनात किया गया था।
रास्ते में रोके जाने के बाद रामजीलाल सुमन पीड़ित परिवार से मिलने की अपनी मांग पर अड़ गए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और सांसद के बीच करीब 30 मिनट तक तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस से हुई तकरार के बाद सांसद ने सूबे की योगी सरकार पर निशाना साधते हुए इसे 'सरकार की तानाशाही' करार दिया। रामजीलाल सुमन ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि विपक्ष को पीड़ितों का दर्द बांटने से रोका जा रहा है, जबकि सरकार का काम पीड़ितों की मदद करना होना चाहिए।
सांसद के कड़े विरोध और हंगामे को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने बीच का रास्ता निकाला। मृतक दीपक के भाई, पिता और अन्य परिजनों को पुलिस ने खुद बैरिकेडिंग के पास बुलाया। इसके बाद सपा सांसद ने वहीं सड़क पर परिजनों से मुलाकात की, उनका दुख सुना और परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
दीपक जाटव हत्याकांड के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की पैनी नजर है। पुलिस का दावा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। सांसद को रोके जाने और पुलिस-प्रशासन के साथ हुई तीखी नोकझोंक के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है।