हापुड़ के अग्रसेन भवन में बालाजी संकीर्तन दरबार में उमड़े हजारों श्रद्धालु, गूंजे जयकारे
हापुड़ के दिल्ली रोड स्थित अग्रसेन भवन में ‘बाबा वाले हैं’ ग्रुप के बालाजी संकीर्तन दरबार में हजारों श्रद्धालु पहुंचे। गुरु सुशांत तोमर ने हनुमान जी की महिमा बताई, लगातार तीसरे दरबार में वस्त्र वितरण हुआ और भंडारे के साथ आयोजन संपन्न हुआ।
हापुड़ के अग्रसेन भवन में आयोजित श्री मेहंदीपुर बालाजी संकीर्तन दरबार में उपस्थित गुरु सुशांत तोमर व श्रद्धालु।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में दिल्ली रोड स्थित ऐतिहासिक अग्रसेन भवन रविवार को श्री मेहंदीपुर बालाजी महाराज के संकीर्तन दरबार में भक्तिमय हो उठा। ‘बाबा वाले हैं’ ग्रुप की ओर से आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। राजस्थान के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री मेहंदीपुर बालाजी महाराज को समर्पित इस संकीर्तन दरबार का आयोजन ग्रुप के संस्थापक एवं गुरु सुशांत तोमर के नेतृत्व में विधि-विधान के साथ किया गया।
कार्यक्रम के दौरान गुरु सुशांत तोमर ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए भगवान हनुमान की महिमा बताई। उन्होंने कहा, “कलयुग में केवल भगवान श्री हनुमान जी महाराज ही ऐसे देव हैं, जो अजर-अमर के वरदान के साथ पृथ्वी पर साक्षात निवास कर रहे हैं। वे अपने सच्चे भक्तों के सभी संकटों, दुखों और बाधाओं का हरण कर उन्हें सीधे प्रभु श्री राम की भक्ति से जोड़ते हैं।”
संकीर्तन दरबार में धार्मिक आयोजन के साथ सेवा कार्य भी किया गया। बाबा की सेवा में लंबे समय से समर्पित भक्तों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए गुरु सुशांत तोमर ने वस्त्र वितरित किए। लगातार तीसरे दरबार में भी वस्त्र वितरण की यह सेवा परंपरा जारी रही।
बालाजी महाराज के दरबार में हाजिरी लगाने और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए हापुड़ के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचे। पिलखुवा, धौलाना, गुलावठी, गाजियाबाद, मेरठ और अमरोहा से हजारों रामभक्त कार्यक्रम में शामिल हुए। श्रद्धालुओं का पहुंचना सुबह से ही शुरू हो गया था। शाम होते-होते अग्रसेन भवन का पूरा प्रांगण भक्तों से भर गया।
गुरु सुशांत तोमर के संबोधन के बाद प्रसिद्ध भजन गायकों और स्थानीय कलाकारों ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए। “दुनिया चले न श्री राम के बिना” और “बाबा के दरबार में सब संकट मिट जाते हैं” जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। इस दौरान पूरा परिसर “जय श्री राम” और “श्री मेहंदीपुर बालाजी महाराज की जय” के जयकारों से गूंज उठा।
संकीर्तन के समापन पर बालाजी महाराज की भव्य आरती की गई। इसके बाद उपस्थित श्रद्धालुओं और पदाधिकारियों के बीच महाप्रसाद के रूप में भंडारे का वितरण किया गया। कार्यक्रम में ‘बाबा वाले हैं’ ग्रुप के पदाधिकारी, क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में बालाजी भक्त मौजूद रहे। धार्मिक आयोजन के साथ वस्त्र वितरण और भंडारे के माध्यम से श्रद्धालुओं की भागीदारी भी कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा रही।