हापुड़ में कार्तिक पूर्णिमा मेले से पहले आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, ड्रोन से पकड़ी गईं अवैध शराब की भट्ठियां
हापुड़ में कार्तिक पूर्णिमा मेले से पहले आबकारी विभाग ने ड्रोन कैमरों की मदद से अवैध शराब की भट्ठियों का खुलासा किया। गढ़मुक्तेश्वर के जंगलों में छापेमारी कर 250 किलो से अधिक लहन और कच्ची शराब नष्ट की गई। फरार तस्करों की तलाश जारी है।
हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में अवैध कच्ची शराब की भट्ठियों को नष्ट करती आबकारी विभाग की टीम।
हापुड़ में ऐतिहासिक कार्तिक पूर्णिमा मेले से पहले अवैध कच्ची शराब के कारोबार पर आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गढ़मुक्तेश्वर के खादर क्षेत्र में ड्रोन कैमरों की मदद से जंगल में चल रही अवैध शराब की भट्ठियों का खुलासा किया गया। विभागीय टीम ने मौके पर छापेमारी कर 250 किलोग्राम से अधिक लहन और तैयार कच्ची शराब को नष्ट कर दिया। कार्रवाई के दौरान अवैध शराब बनाने में शामिल संदिग्ध मौके से फरार हो गए।
यह कार्रवाई हापुड़ के खादर क्षेत्र में गढ़मुक्तेश्वर के पास स्थित नया गांव के जंगलों में की गई। तस्करों ने आबकारी विभाग की निगरानी से बचने के लिए ईख यानी गन्ने के खेतों की आड़ में अवैध शराब बनाने की भट्ठियां लगा रखी थीं। विभाग की टीम ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए ड्रोन कैमरों से क्षेत्र की निगरानी शुरू की। आसमान से की गई चेकिंग के दौरान जंगल में संचालित अवैध शराब की भट्ठियों की पहचान हुई।
ड्रोन कैमरों से सटीक लोकेशन मिलने के बाद आबकारी विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद 250 किलोग्राम से अधिक लहन और तैयार कच्ची शराब को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, अवैध और मिलावटी कच्ची शराब लोगों की सेहत और जान के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
आबकारी विभाग की हवाई निगरानी के दौरान आसमान में ड्रोन देखकर अवैध शराब बनाने में शामिल संदिग्धों में हड़कंप मच गया। पकड़े जाने के डर से सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। फिलहाल विभागीय टीम फरार तस्करों की पहचान करने और उनके संभावित सेल नेटवर्क की जांच में जुटी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तलाश तेज कर दी गई है।
गढ़मुक्तेश्वर के गंगा तट पर आयोजित होने वाले प्रसिद्ध कार्तिक पूर्णिमा मेले में इस बार करीब 30 से 35 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान जताया जा रहा है। इतने बड़े आयोजन से पहले क्षेत्र में कानून व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अवैध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।
हालांकि, अवैध शराब की मेले में आपूर्ति होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन आबकारी विभाग किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। कार्तिक पूर्णिमा मेले से पहले की गई इस कार्रवाई के बाद अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने और फरार तस्करों की गिरफ्तारी के लिए विभाग की आगामी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।